केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स के शेड्यूल एम में बदलाव का दिया प्रस्ताव

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नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 28 अक्टूबर को जी.एस.आर. नंबर 953(ई) के जरिए ड्रग्स रूल्स, 1945 के शेड्यूल एम में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। यह बदलाव स्टेराइल फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स के लिए गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पर टेक्निकल रिपोर्ट सीरीज (टीआरएश) नंबर 1044, एनेक्सर 2 के अनुसार ग्रेड ए साफ एरिया में माइक्रोबियल कंटैमिनेशन के लिए तय लिमिट को बदलने के लिए किया गया है। प्रस्तावित बदलाव का मकसद शेड्यूल एम के तहत तय माइक्रोबियल कंटैमिनेशन लिमिट और ग्रेड ए एरिया के लिए डब्ल्यूएचओ की संबंधित जरूरतों के…

नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 28 अक्टूबर को जी.एस.आर. नंबर 953(ई) के जरिए ड्रग्स रूल्स, 1945 के शेड्यूल एम में बदलाव का प्रस्ताव दिया है।

यह बदलाव स्टेराइल फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स के लिए गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पर टेक्निकल रिपोर्ट सीरीज (टीआरएश) नंबर 1044, एनेक्सर 2 के अनुसार ग्रेड ए साफ एरिया में माइक्रोबियल कंटैमिनेशन के लिए तय लिमिट को बदलने के लिए किया गया है।

प्रस्तावित बदलाव का मकसद शेड्यूल एम के तहत तय माइक्रोबियल कंटैमिनेशन लिमिट और ग्रेड ए एरिया के लिए डब्ल्यूएचओ की संबंधित जरूरतों के बीच मौजूदा अंतर को दूर करना है, जिससे भारत के रेगुलेटरी नियम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त स्टैंडर्ड के अनुरूप हो सकें।

ग्रेड ए एरिया स्टेराइल फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग में बहुत जरूरी जोन होते हैं, जहां एक्सपोज्ड प्रोडक्ट्स, कंटेनर्स और स्टेराइल किए गए कॉम्पोनेंट्स को हैंडल किया जाता है। स्टेराइल फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स की क्वालिटी और सेफ्टी पक्का करने के लिए इन एरिया में सख्त माइक्रोबियल कंट्रोल बनाए रखना जरूरी है।

प्रस्तावित बदलाव, रिवाइज्ड शेड्यूल एम को डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइंस के साथ मिलाएगा और देश में स्टेराइल फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग को कंट्रोल करने वाले रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को और मजबूत करेगा। यह डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइंस के अनुसार, ग्रेड ए एरिया में पाए जाने वाले किसी भी माइक्रोबियल ग्रोथ को जांच के लिए एक ट्रिगर के तौर पर मानने का भी प्रोविजन करता है।

प्रस्तावित बदलाव फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग में क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को मजबूत करने, घरेलू रेगुलेटरी जरूरतों को इंटरनेशनल बेंचमार्क के साथ अलाइन करने और फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स की क्वालिटी और सेफ्टी पक्का करने के लिए सरकार के कमिटमेंट को दिखाता है।

हितधारकों और आम जनता को प्रस्तावित संशोधन पर अपनी आपत्तियां और सुझाव, यदि कोई हों तो अवर सचिव (ड्रग्स रेगुलेशन), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को ईमेल के माध्यम से पेश करने के लिए आमंत्रित किया जाता है।

–आईएएनएस

एसडी/पीएम

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IANS Agency

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