Kolkata Doctor Case : कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी के बाद उसे इंसाफ दिलाने के लिए दिल्ली के जंतर मंतर पर बुधवार को हजारों रेजीडेंट डॉक्टरों ने धरना प्रदर्शन किया। धरना दे रहे डॉक्टरों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में भी इसी तरह के मामलों पर संज्ञान लिया है, लेकिन देश की बेटियां लगातार शिकार बन रही हैं और कार्रवाई नहीं हुई है।
Highlight :
- महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी को लेकर जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन
- डॉक्टरों का कहना है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है
- जब तक CBI की रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा
डॉक्टरों ने तत्काल न्याय और सुरक्षा की मांग की
बता दें कि, प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने जोर देकर कहा कि जब तक सीबीआई की रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने तत्काल न्याय और केंद्रीय सुरक्षा कानून की मांग की, जिसे लागू किया जाना चाहिए। डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटेक्शन एक्ट की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, जो अभी तक लागू नहीं हुआ है। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा, क्योंकि उन्हें बार-बार केवल आश्वासन मिलता है, और ठोस कार्रवाई की कोई गारंटी नहीं होती। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि देशभर में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
हमें डॉक्टर्स के लिए कानून चाहिए- डॉक्टर्स की मांग
प्रदर्शन कर रहीं एक डॉक्टर ने कहा, जो कमेटी अभी बनाई गई है, उस तरीके की कमेटी पहले भी बनाई गई थी। कुछ नहीं हुआ। हमें डॉक्टर्स के लिए कानून चाहिए। डॉक्टर्स के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है। हमें उसे रोकने के लिए कुछ करना चाहिए। ऊपर से लोगों के ऐसे बयान आते हैं। पीड़ित पर ही दोषारोपण किया जाता है। लोग महिला पर ही उसके पहनावे और घर से बाहर रहने के समय को लेकर आरोप लगाते हैं। इसलिए हमें बलात्कार के खिलाफ कड़े कानून चाहिए।
22 तारीख को होगी सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई
डाॅक्टर ने आगे कहा, सीबीआई की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में क्या सामने आता है, यह देखने के लिए हम दो दिन तक इंतजार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 22 तारीख को है, उन्होंने कहा सरकार ने डॉक्टरों से काम पर लौटने का अनुरोध किया है। इस पर उन्होंने कहा कि हमारे वरिष्ठ डॉक्टर आपातकालीन सेवाएं दे रहे हैं, ओपीडी में भी सेवाएं जारी हैं लेकिन आगे क्या किया जाएगा, इस पर हम 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद फैसला लेंगे।


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