केरल के वायनाड जिले में भूस्खलन की घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 173 हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। जिला प्रशासन ने बताया कि भूस्खलन में मरने वालों में 23 बच्चे और 70 महिलाएं शामिल हैं। जिला प्रशासन ने बताया कि 100 शवों की शिनाख्त हो चुकी है। उसने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों से निकाले गए 221 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनमें से 91 का अब भी इलाज जारी है।
- केरल के वायनाड में भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या 173 हुई
- हादसे में 200 से अधिक लोग घायल हो गए हैं
वायनाड में अब भी बड़ी संख्या में लोग लापता
भूस्खलन प्रभावित वायनाड में अब भी बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। बचावकर्मी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी तलाश एवं बचाव अभियान जारी रखे हैं। वे नष्ट हो चुके घरों और इमारतों में लोगों की तलाश कर रहे हैं। वायनाड के विभिन्न हिस्सों में सोमवार देर रात दो बजे और मंगलावर सुबह चार बजकर 10 मिनट पर भूस्खलन हुआ था, जिससे बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। वायनाड जिले में मंगलवार तड़के मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों में मूसलाधार बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाएं हुई थीं।
गौतम अदाणी ने बढ़ाया मदद का हाथ
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने केरल के वायनाड लैंडस्लाइड में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह आपदा की इस घड़ी में केरल के साथ खड़ा है। इसके साथ ही गौतम अदाणी ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की। उद्योगपति गौतम अदाणी (Gautam Adani) ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”वायनाड Landslide में हुई दुखद मौत से मैं बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। अदाणी समूह इस कठिन समय में केरल के साथ एकजुटता से खड़ा है। हम केरल के मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में 5 करोड़ रुपये का योगदान देकर अपना सहयोग दे रहे हैं।” बता दें कि केरल की वायनाड में 30 जुलाई की सुबह भूस्खलन(Landslide) हुआ, जिससे अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में वायनाड हादसे पर बताया कि एनडीआरएफ की चार टीम, आर्मी के चार कालम, नेवी की एक टीम, तटरक्षक बलों की तीन यूनिट, अग्निशमन सेवाओं, राज्य पुलिस स्थानीय इमरजेंसी रिस्पांस टीम समेत लगभग 1,200 कर्मी राहत और बचाव अभियान में 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार को 145 करोड़ की राशि भी प्रदान कराई गई है।


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