सामान्य नहीं हुए हालात तो 20 से 30 फीसदी बढ़ सकते हैं बाहर के खाने के दाम, जानिए क्या है वजह

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LPG Crises : अगर आप बाहर रेस्टोरेंट में खाना खाने के शौकीन हैं, तो आने वाले दिनों में आपकी जेब पर थोड़ा ज्यादा बोझ पड़ सकता है। देश के कई शहरों में रेस्टोरेंट मालिक मेन्यू की कीमतें 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। इसकी वजह कमर्शियल LPG सिलेंडर की घटती सप्लाई और तेजी से बढ़ती कीमतें बताई जा रही हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो अप्रैल से खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। किचन की रीढ़ बनी गैस की सप्लाई में कमी रेस्टोरेंट के किचन में…

LPG Crises : अगर आप बाहर रेस्टोरेंट में खाना खाने के शौकीन हैं, तो आने वाले दिनों में आपकी जेब पर थोड़ा ज्यादा बोझ पड़ सकता है। देश के कई शहरों में रेस्टोरेंट मालिक मेन्यू की कीमतें 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। इसकी वजह कमर्शियल LPG सिलेंडर की घटती सप्लाई और तेजी से बढ़ती कीमतें बताई जा रही हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो अप्रैल से खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं।

किचन की रीढ़ बनी गैस की सप्लाई में कमी

रेस्टोरेंट के किचन में कमर्शियल LPG गैस सबसे अहम ईंधन होती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से कई शहरों में इसकी सप्लाई अचानक घट गई है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के मुताबिक 9 मार्च के बाद से उन्हें पहले के मुकाबले काफी कम सिलेंडर मिल रहे हैं। कुछ जगहों पर तो सामान्य कोटे का केवल 20 प्रतिशत ही उपलब्ध हो पा रहा है, जिससे किचन संचालन प्रभावित हो रहा है।

रोजाना कई सिलेंडर की खपत

रेस्टोरेंट में गैस की खपत आम घरों के मुकाबले कई गुना ज्यादा होती है। छोटे रेस्टोरेंट को रोजाना लगभग 6 से 8 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है, जबकि बड़े रेस्टोरेंट में 10 से 12 सिलेंडर तक इस्तेमाल होते हैं। सप्लाई में कमी आने से खाना बनाना मुश्किल हो जाता है। सुरक्षा नियमों के कारण रेस्टोरेंट ज्यादा सिलेंडर स्टॉक में भी नहीं रख सकते, इसलिए उन्हें लगातार सप्लाई पर निर्भर रहना पड़ता है।

कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में तेज उछाल

सप्लाई कम होने के साथ ही कमर्शियल LPG की कीमतों में भी तेजी आई है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब करीब 2100 से 2300 रुपये तक पहुंच गई है। कुछ समय पहले यही सिलेंडर लगभग 1850 रुपये में मिल रहा था, जबकि एक महीने पहले इसकी कीमत करीब 1650 रुपये थी। यानी कम समय में गैस की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।

वैश्विक तनाव से प्रभावित सप्लाई चेन

विशेषज्ञों का मानना है कि इस गैस संकट के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात भी बड़ी वजह हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और इजरायल, ईरान तथा अमेरिका के बीच जारी टकराव का असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ा है। कच्चे तेल और गैस की सप्लाई चेन प्रभावित होने से भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर सीधा असर पड़ रहा है।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता

सरकार ने फिलहाल घरेलू रसोई गैस की सप्लाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है, इसलिए अतिरिक्त LPG उत्पादन को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की बढ़ती चिंता

होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों ने सरकार से कमर्शियल गैस की सप्लाई जल्द सामान्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर यह संकट लंबे समय तक जारी रहा, तो मेन्यू की कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन जाएगा। भारत के फूड सर्विस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में करोड़ों लोग रोजगार से जुड़े हैं, इसलिए गैस की कमी का असर कारोबार और रोजगार दोनों पर पड़ सकता है। ऐसे में कई काम करने वाले लोगों के लिए यह मुश्किल समय साबित हो सकता है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।