छत्तीसगढ़ : महासमुंद में 17.93 करोड़ का धान घोटाला, 54 केंद्रों से स्टॉक गायब

महासमुंद, 10 जुलाई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में करीब 17.93 करोड़ रुपये के कथित धान घोटाले ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में कई खरीदी केंद्रों के रिकॉर्ड में धान का स्टॉक दर्ज मिला, लेकिन भौतिक सत्यापन के दौरान वहां स्टॉक नहीं मिला। अब तक 15 सहकारी समितियों के प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 39 अन्य खरीदी केंद्रों के संबंध में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 के धान खरीदी सत्र में जिले के 182 खरीदी केंद्रों के माध्यम से 1,01,95,681.20 मीट्रिक टन धान की खरीदी दर्ज की गई। मिलिंग के बाद रिकॉर्ड के अनुसार 57,860.47 क्विंटल धान खरीदी केंद्रों में शेष होना चाहिए था, लेकिन जांच के दौरान 54 केंद्रों पर यह स्टॉक नहीं मिला। समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के आधार पर गायब धान का मूल्य करीब 17 करोड़ 93 लाख 67 हजार 457 रुपये आंका गया है।

जांच में जिन खरीदी केंद्रों पर सबसे अधिक धान गायब मिला, उनमें आरंगी और बम्हनी सहकारी समितियां सबसे आगे हैं। इन दोनों केंद्रों से चार-चार हजार क्विंटल से अधिक धान गायब पाया गया। इसके अलावा तोषगांव, बघरपाली, मोगरापाली, समहर, कोटद्वारी, मल्यामाल, बेलसोंडा और खेमड़ा सहकारी समितियों में भी बड़ी मात्रा में धान की कमी सामने आई है, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

धान खरीदी प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक खरीदी केंद्र में नोडल अधिकारी और मॉनिटरिंग अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं तथा समय-समय पर स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में धान का स्टॉक नहीं मिलने से निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठे हैं।

जिला विपणन अधिकारी ने पुष्टि की है कि करोड़ों रुपये मूल्य का धान स्टॉक में नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि अब तक 15 सहकारी समितियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।

जांच में 54 खरीदी केंद्रों पर धान का स्टॉक नहीं मिलने की बात सामने आने के बावजूद अब तक केवल 15 समितियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शेष 39 केंद्रों के संबंध में आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

–आईएएनएस

एसएचके/एएस

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