Malda Violence NIA Probe: पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया जब मालदा जिले में ग्रामीणों ने तीन महिलाओं सहित सात न्यायिक अधिकारियों को कई घंटो तक बंधक बना लिया। अब इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम कर रही है और जांच के दौरान पहले मालदा के पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय का दौरा किया और फिर मालदा के कालियाचौक स्थित ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) के कार्यालय की जांच की। इससे पहले इस घटना के मुख्य आरोपी को भी पुलिस ने एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर दिया है।
सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे
जांच और कई खुलासे के बाद सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे है और बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने पहले ही लिखित रूप में Security Breach की चेतावनी जारी की थी लेकिन फिर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया था। साथ ही दावा किया जा रहा है कि अधिकारियों ने जिला मजिस्ट्रेट राजनवीर सिंह कपूर को पत्र भी लिखा था और सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई गई थीं। इसके बाद भी जिलाधिकारी ने कोई भी एक्शन नहीं लिया।
35 लोगों को गिरफ्तार किया गया
चुनाव से पहले विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के कारण यह घटना सामना आई है जहां विरोध प्रदर्शनों की लहर का में मालदा को पूरे दिन ठप्प कर दिया, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने पांच विधानसभा क्षेत्रों में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों और प्रमुख ग्रामीण मार्गों पर सड़क जाम कर दिया था। उत्तर बंगाल के एडीजी के. जयरामन ने कहा कि मालदा बंधक कांड के सिलसिले में अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारी आगे किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अशांति भड़काने का आरोप
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर मालदा में अशांति भड़काने का आरोप लगाया और कहा कि हिंसा भड़काने के लिए बाहरी लोगों को लाया गया था। ये आरोप पश्चिम बंगाल में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आए हैं, जहां पार्टियां आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए कमर कस रही हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आगामी चुनावों को रद्द कराने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।


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