मालदीव ने भारत की 50 मिलियन डॉलर मदद पर जताया आभार

Summary :

मालदीव-भारत की दोस्ती को मजबूत करती आर्थिक सहायता

मालदीव के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्ला खलील ने भारत की 50 मिलियन डॉलर की सहायता पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह मदद मालदीव की आर्थिक मजबूती में सहायक होगी और भारत-मालदीव की गहरी दोस्ती को दर्शाती है।

मालदीव के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्ला खलील ने 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद के लिए भारत सरकार और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का आभार जताया। उन्होंने मालदीव और भारत के बीच गहरी दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि यह सहायता हमारी आर्थिक मजबूती में सहयोग देगी। मालदीव के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्ला खलील ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और भारत सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मालदीव को 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ट्रेजरी बिल को रोलओवर करके महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान की। उन्होंने आगे कहा, “यह समय पर दी गई सहायता मालदीव और भारत के बीच गहरी दोस्ती को दर्शाती है और आर्थिक मजबूती के लिए सरकार के वित्तीय सुधारों को लागू करने के प्रयासों में सहयोग देगी। मालदीव में भारतीय उच्चायोग ने बीते साल सितंबर में बताया था कि भारत ने मालदीव सरकार के अनुरोध पर 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ट्रेजरी बिल को एक और साल के लिए बढ़ाकर बजटीय सहायता दी है।

भारत ने मालदीव को दी 50 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद

बता दें कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू बीते साल अक्टूबर में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निमंत्रण पर पांच दिवसीय भारत यात्रा पर आए थे। नवंबर 2023 में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली यात्रा थी। मालदीव के राष्ट्रपति ने भारत की वित्तीय सहायता के लिए आभार जताया था। मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा था, “यात्रा का एक महत्वपूर्ण परिणाम ‘व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के लिए विजन’ को अपनाना था, जो विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेगा।” दोनों देशों ने वर्चुअल उद्घाटन भी किया और समझौतों का आदान-प्रदान किया।”

बयान में कहा गया था, “राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत की वित्तीय सहायता के लिए आभार व्यक्त किया, जिसमें इस वर्ष मई और सितंबर में टी-बिलों को मालदीव के लिए बिना ब्याज के एक अतिरिक्त वर्ष के लिए आगे बढ़ाना और द्विपक्षीय मुद्रा स्वैप समझौते के तहत 30 अरब रुपये से 400 मिलियन डॉलर तक का अतिरिक्त समर्थन शामिल है। उन्होंने भारत को उसके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।”

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