बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार मिलते ही TMC पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर है। पार्टी बिखडने को लेकर कई खबरें सामने आ रही है। जिससे सियासी गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है। खबर है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के बीच संभावित विलय हो सकती है। इस खबर ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं बढ़ा दी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व की तरफ यानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और मौजूदा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिले प्रस्ताव पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सकारात्मक रुख दिखा रही हैं।
हालांकि, अंतिम निर्णय लेने से पहले उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण शर्तें रखी हैं। खबर है कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समक्ष ये शर्तें रखीं। इस जानकारी के बाद Ready for Merger of TMC with Congress की खबर आनी तेज हो गई है। राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर दोनों पार्टियों के बीच बात बन जाती है, तो विपक्षी सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
Mamata Banerjee agreed to Merger with Congress: सोनिया का प्रस्ताव, ममता की शर्तें

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनिया गांधी ने खुद ममता बनर्जी से बात कर merger of TMC Trinamool Congress with Congress का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव के जरिए ममता बनर्जी को कांग्रेस संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देने की बात भी सामने आई है। साथ ही अभिषेक बनर्जी को भी पार्टी में अहम जिम्मेदारी देने का सुझाव रखा गया।
इसके जवाब में TMC की तरफ से मांग रखी गई कि ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजा जाए और उन्हें सदन में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी दी जाए। हालांकि कांग्रेस की ओर से इन मांगों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। खबर है कि ममता बनर्जी ने इस पूरे मुद्दे पर विचार करने के लिए कुछ समय की मांग भी की है।
राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की लंबी बैठक

विलय की खबरों को उस दौड़ में मजबूती मिली है, जब ममता बनर्जी ने लगातार दो दिनों तक Rahul Gandhi की मां Sonia Gandhi से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बैठकों में कई मुद्दों पर बातचीत हुई और सहमति भी देखने को मिला। इसके बाद, राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच एक अहम बैठक हुई, जो लगभग डेढ़ घंटे तक चली।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों और संभावित गठबंधनों पर विस्तार से चर्चा की। हालांकि, किसी भी पक्ष ने विलय को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों से इस बात की संभावना बढ़ गई है कि जल्द ही इस मामले में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।


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