Man Killed Mother In Law: देशभर अपराध की संख्या बढ़ती जा रही है और इसी के साथ बढ़ रहा है बर्बरता का स्तर। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू से एक दिल दहला देने वाला सामने आया है, जहां एक दामाद ने अपनी सास की बेरहमी से हत्या कर दी। यह मामला तुमकुरू जिले का है, जिसने पूरे कर्नाटक में सनसनी फैल गई है। हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को 19 ठिकानों ने शव के 19 टुकड़े मिले। एक -एक टुकड़े को अलग-अलग जगह फेंका गया था। पुलिस ने अब इस मर्डर के लिए महिला के दामाद सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
Man Killed Mother In Law: डॉक्टर दामाद ने की हत्या
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बेल्लावी निवासी 42 वर्षीय लक्ष्मीदेवम्मा लापता हैं। उनके पति बसवराज ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला को आखिरी बार 3 अगस्त को हनुमंतपुरा स्थित अपनी बेटी तेजस्वी के घर से निकलते हुए देखा गया था। शुरुआत में पुलिस को केवल शरीर के टुकड़े मिले थे, लेकिन सिर नहीं मिला था। जाँच के दौरान उन्हें महिला का सिर भी मिला। लक्ष्मीदेवम्मा के पति ने शव की पहचान की।

पुलिस को जांच में पता चला कि 6 महीने पहले डॉ. रामचंद्रैया एस. ने सतीश के नाम पर खरीदी, ताकि किसी को शक न हो। जांच में पता चला कि डॉ. रामचंद्रैया ने मृतक महिला की बेटी तेजस्वी से शादी की थी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने डॉक्टर और सतीश से आमना-सामना कराया। उन्हें आमने-सामने बिठाया और सवाल-जवाब किए। सतीश कुछ भी नहीं छिपा सका और सारी बातें उगलने लगा। इसके कुछ ही देर बाद, डॉ. रामचंद्रैया ने भी सब कुछ कबूल कर लिया।
इस बात से नाराज था दामाद
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि रामचंद्रैया इस बात से नाराज़ था कि महिला उसकी शादी में दखलअंदाज़ी कर रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला उनकी बेटी को भी वेश्यावृत्ति में धकेलने पर ज़ोर दे रही थी। ख़ास बात यह है कि 47 वर्षीय डॉक्टर की यह दूसरी शादी थी और तेजस्वी उनसे 20 साल छोटी हैं। दोनों का एक तीन साल का बच्चा भी है। रामचंद्रैया का अपनी पहली पत्नी से तलाक नहीं हुआ है। रामचंद्रैया को डर था कि लक्ष्मीदेवम्मा उनके परिवार को बर्बाद कर देंगी। इसलिए उन्होंने घटना से 6 महीने पहले ही योजना बनानी शुरू कर दी थी। उन्होंने सतीश के नाम पर एक कार खरीदी और सतीश और किरण को 4-4 लाख रुपये देने का वादा किया। उन्होंने दोनों को 50,000 रुपये एडवांस भी दिए। पुलिस के मुताबिक, सतीश रामचंद्रैया का मरीज़ था और उनके घर के पास ही रहता था।

शव के टुकड़े कर फेंका
3 अगस्त को, जब लक्ष्मीदेवम्मा अपनी बेटी के घर से लौट रही थीं, तो रामचंद्रैया ने उन्हें यह कहकर लिफ्ट दी कि वह उन्हें घर छोड़ देंगे। उस समय कार में सतीश और किरण भी मौजूद थे। जैसे ही महिला बैठी, दोनों ने उसका गला घोंट दिया। अगले दिन धारदार हथियारों से शव को काटकर उसके टुकड़े 19 जगहों पर फेंक दिए गए।
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