Mann ki Baat on Farmers: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में देश के किसानों की बदलती सोच और आधुनिक खेती के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज का किसान केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि नई तकनीक, नए बाजार और विविध खेती के मॉडल अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहा है।
Mann ki Baat on Farmers: किसानों की सोच में बदलाव

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले खेती का मुख्य उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना था, लेकिन अब किसान बाजार की मांग को समझकर फसल उगा रहे हैं। वे आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और बेहतर प्रबंधन के जरिए अपनी जमीन का पूरा उपयोग कर रहे हैं। इससे न केवल पैदावार बढ़ रही है, बल्कि किसानों की आमदनी भी मजबूत हो रही है। आज किसान पारंपरिक धान या गेहूं की खेती के साथ-साथ सब्जियां, फल, फूल और मछली पालन जैसे विकल्पों को भी अपना रहे हैं। इससे उन्हें सालभर आय के अलग-अलग स्रोत मिल रहे हैं।
Odisha Yuva Kisan Story: ओडिशा के युवा किसान की प्रेरक कहानी

प्रधानमंत्री ने ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे नई सोच खेती को बदल सकती है। लगभग आठ साल पहले तक हिरोद अपने पिता शिव शंकर पटेल के साथ सामान्य तरीके से धान की खेती करते थे। लेकिन उन्होंने खेती को नए नजरिये से देखने का फैसला किया। उन्होंने अपने खेत को बहुउद्देशीय मॉडल में बदल दिया। खेत के तालाब के ऊपर मजबूत जालीदार ढांचा बनाकर उस पर बेल वाली सब्जियां उगाईं।
तालाब के किनारों पर केले, अमरूद और नारियल के पेड़ लगाए। साथ ही तालाब में मछली पालन भी शुरू किया। इस तरह एक ही खेत में धान की खेती, सब्जी उत्पादन, फल उत्पादन और मछली पालन होने लगा। इससे जमीन और पानी का बेहतर उपयोग हुआ। उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और खेती का जोखिम भी कम हुआ।
Mann ki baat February 2026 Episode: केरल में धान की विविध किस्में

प्रधानमंत्री ने केरल के त्रिसूर जिले के एक गांव का भी जिक्र किया। यहां किसान एक ही खेत में 570 प्रकार की धान की किस्में उगा रहे हैं। इनमें स्थानीय, हर्बल और अन्य राज्यों से लाई गई प्रजातियां शामिल हैं। यह प्रयास केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि पारंपरिक बीजों को बचाने का भी अभियान है। इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए बीजों की विरासत सुरक्षित रहती है।
उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री ने बताया कि किसानों की मेहनत का असर देश के उत्पादन आंकड़ों में भी दिख रहा है। भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन चुका है। देश में 15 करोड़ टन से अधिक चावल का उत्पादन हो रहा है। भारत अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अन्य देशों को भी चावल निर्यात कर रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसानों को वैश्विक बाजार तक पहुंच मिल रही है।
नए बाजार और आधुनिक खेती की दिशा
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के किसान डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन मंडियों और नए व्यापार मॉडल का भी उपयोग कर रहे हैं। वे फसल की गुणवत्ता पर ध्यान दे रहे हैं और बेहतर पैकेजिंग व ब्रांडिंग के जरिए अपने उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नवाचार अपनाएं, प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करें और एक-दूसरे से सीखकर आगे बढ़ें।
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