एमबीबीएस छात्रों के लिए एनएक्सटी परीक्षा लागू करने का दावा फर्जी

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नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नोटिस में दावा किया गया है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने 2022 बैच से एमबीबीएस छात्रों के लिए एनएक्सटी परीक्षा लागू कर दी है। प्रेस ब्यूरो सूचना (पीआईबी) ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है। पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने एमबीबीएस छात्रों के लिए एनएक्सटी परीक्षा लागू करने का कोई नोटिस जारी नहीं किया है। प्रामाणिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।” इसके साथ ही पीआईबी फैक्ट चेक…

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नोटिस में दावा किया गया है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने 2022 बैच से एमबीबीएस छात्रों के लिए एनएक्सटी परीक्षा लागू कर दी है। प्रेस ब्यूरो सूचना (पीआईबी) ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है।

पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने एमबीबीएस छात्रों के लिए एनएक्सटी परीक्षा लागू करने का कोई नोटिस जारी नहीं किया है। प्रामाणिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।” इसके साथ ही पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने ऐसी गलत सूचनाओं पर विश्वास न करने और साझा करने से पहले हमेशा पुष्टि करने की अपील की है।

सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (स्नातक चिकित्सा शिक्षा बोर्ड) की ओर से जारी एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा गया है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) सभी मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस स्नातक छात्रों को राष्ट्रीय निकास परीक्षा (एनएक्सटी) के चरणबद्ध कार्यान्वयन के संबंध में सूचित करता है। संशोधित रोडमैप के अनुसार और पिछले सूचनाओं के क्रम में यह निर्णय लिया गया है कि एनएक्सटी परीक्षा 2022 बैच से प्रवेश लेने वाले सभी एमबीबीएस छात्रों पर लागू होगी।

एनएक्सटी के लिए अंतिम वर्ष की एमबीबीएस योग्यता परीक्षा, भारत में चिकित्सा अभ्यास के लिए लाइसेंस परीक्षा, नीट पीजी के स्थान पर स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए एक एकल प्रवेश परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में सिद्धांत-आधारित परीक्षा (एमबीबीएस का अंतिम स्तर) और दूसरे चरण में इंटर्नशिप के बाद क्लीनिकल ​​और प्रैक्टिकल मूल्यांकन की परीक्षा होगी।

इसके पहले 1 अप्रैल को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के अंतर्गत फैक्ट चेक यूनिट (एफसीयू) ने जानकारी दी थी कि अब तक कुल 2,913 फैक्ट-चेक पब्लिक किए गए हैं और इससे फर्जी सूचनाओं के प्रसार पर लगाम लगाने में मदद मिली है।

–आईएएनएस

ओपी/पीएम

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