भारत के पास सिर्फ 25 दिन का स्टॉक बचा है! मिडिल ईस्ट में जंग से दुनिया में क्रूड ऑयल संकट गहराया

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Middle East Oil Disruption: मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान को भारी नुकसान हुआ है। ईरान के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में अब तक 1,100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें इनमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई कई बड़े सैन्य अधिकारी, मंत्री और सरकारी अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। इस संघर्ष का असर अब केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। Middle East Oil Disruption: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद…

Middle East Oil Disruption: मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान को भारी नुकसान हुआ है। ईरान के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में अब तक 1,100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें इनमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई कई बड़े सैन्य अधिकारी, मंत्री और सरकारी अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। इस संघर्ष का असर अब केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है।

Middle East Oil Disruption: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ा संकट

इस सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला किया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया में सप्लाई होने वाले कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

ईरान की सेना के एक वरिष्ठ कमांडर ने चेतावनी दी है कि इस रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी हलचल मच गई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे कई देशों की चिंता बढ़ गई है।

भारत पर भी पड़ सकता है असर

भारत जैसे देश, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं, इस स्थिति से प्रभावित हो सकते हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। अनुमान के मुताबिक भारत को मिलने वाले करीब 40 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है। अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है और कीमतों में और ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। इससे देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर भी असर पड़ने की संभावना है।

तेल संकट पर सरकार का स्पष्टीकरण

हालांकि भारत में तेल संकट को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच सरकार ने स्थिति को लेकर आश्वस्त किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि फिलहाल देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। यह स्टॉक लगभग 25 दिनों की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त बताया गया है। मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) समेत कई प्रमुख रिफाइनरियों में भी तेल का पर्याप्त भंडारण है। कुछ तकनीकी कारणों से हाल ही में कुछ यूनिट्स बंद हुई थीं, लेकिन कुल मिलाकर आपूर्ति की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

होर्मुज पर निर्भरता कम करने की कोशिश

सरकार का कहना है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में तेल आयात के स्रोतों को विविध बनाया है। इसका मतलब यह है कि अब देश केवल मिडिल ईस्ट पर निर्भर नहीं है। भारत अलग-अलग देशों से तेल और गैस की खरीद बढ़ा रहा है, जिससे किसी एक क्षेत्र में संकट होने पर असर कम हो सके।

तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के मामले में भी भारत ने वैकल्पिक स्रोतों पर ध्यान दिया है। कुल एलएनजी आयात में से केवल लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा ही होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है। इसके अलावा अमेरिका से एलएनजी आयात बढ़ाकर लगभग 10 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है।

सरकार का भरोसा, घबराने की जरूरत नहीं

पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। देश के पास मजबूत रिफाइनिंग क्षमता है, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। साथ ही एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई भी नियमित ऑर्डर के जरिए सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि देश फिलहाल ऊर्जा आपूर्ति के मामले में सुरक्षित स्थिति में है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।