एमएमडीआर बिल पर जेएमएम का विरोध, वापस न लेने पर आंदोलन और आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी

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रांची, 14 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में आनन-फानन में पास कराए गए खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक (एमएमडीआर बिल) को लेकर विरोध जताया है। पार्टी के महासचिव बिनोद पांडेय ने कहा कि इस बिल से सबसे ज्यादा असर झारखंड पर पड़ेगा और इसीलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। बिनोद पांडेय ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “कल जिस तरह से लोकसभा और राज्यसभा से एमएमडीआर बिल आनन-फानन में पास किया गया, यह…

रांची, 14 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में आनन-फानन में पास कराए गए खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक (एमएमडीआर बिल) को लेकर विरोध जताया है। पार्टी के महासचिव बिनोद पांडेय ने कहा कि इस बिल से सबसे ज्यादा असर झारखंड पर पड़ेगा और इसीलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।

बिनोद पांडेय ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “कल जिस तरह से लोकसभा और राज्यसभा से एमएमडीआर बिल आनन-फानन में पास किया गया, यह भी नहीं सोचा गया कि इससे किन राज्यों पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा। उस बिल को कहीं पांच मिनट में, कहीं एक मिनट में पास करके राष्ट्रपति के पास स्वीकृति के लिए भेज दिया गया।”

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। झारखंड में इस बिल का सबसे ज्यादा कुप्रभाव पड़ेगा। इसलिए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और एलओपी राहुल गांधी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि इस बिल को तत्काल वापस लिया जाए।

बिनोद पांडेय ने स्पष्ट किया कि अगर केंद्र सरकार बिल वापस नहीं लेती है तो जेएमएम आंदोलनात्मक रुख अपनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपनी रणनीति बना ली है। रणनीति का समय आने पर खुलासा होगा। सभी जिला कमेटियों को, सभी वर्ग संगठनों को, सभी स्तर के संगठनों को यह निर्देश दिया जा चुका है। पार्टी अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पार्टी के सभी स्तर के कार्यकर्ताओं और नेताओं से बातचीत की है। उन्हें हर स्थिति पर इस बिल का विरोध करने के लिए तैयार रहने को कहा है।

उन्होंने कहा, “इसमें धरना-प्रदर्शन और जन-जागरण ये सभी चीजें होंगी। अगर फिर भी इस बिल को वापस नहीं लिया गया तो इस राज्य से सभी खनिज पदार्थ का आवागमन बंद कर दिया जाएगा। यहां से बाहर खनिज पदार्थ नहीं जाएंगे और आर्थिक नाकेबंदी का सामना पूरा देश करेगा।

इस दौरान जेएमएम महासचिव ने झारखंड छात्र आंदोलन पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, “सरकार ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में यह कहा है कि छात्र जब चाहे, जहां चाहे, सरकार के प्रतिनिधि उनके साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। तीन-तीन दौर की वार्ता हुई। छात्रों की लगभग सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए कमेटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने भी उनमें से जायज मांगों पर सहमति जताई है। “

जेएमएम नेता ने कहा कि सरकार के दरवाजे छात्रों के लिए हमेशा खुले हैं। जब चाहे बात करने पर अपनी सहमति दें, बातचीत करने के लिए सरकार तैयार है।

पांडेय ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के पहले ही सरकार ने जेपीएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी पर अपनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी थी। कई लोग सलाखों के पीछे हैं और आगे भी जो लोग भी दोषी होंगे, वे सभी सलाखों के पीछे जाएंगे।”

–आईएएनएस

पीआईएम/वीसी

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IANS Agency

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