भाजपा ने बुधवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि अब खेल के प्रति युवाओं की सोच बदली और अब हर नवोदित खिलाड़ी ओलंपिक पदक को अपना लक्ष्य बनाए हुए है। लोकसभा में ‘वर्ष 2019-20 के लिए युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा सदस्य ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से सरकार ने जो प्रयास किए हैं उसके परिणाम आगे दिखेंगे और ओलंपिक में पदकों की संख्या बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि 2011 में एक विधेयक लाया गया जो सदन से पारित नहीं हुआ, लेकिन खेल संघों पर उसके प्रावधानों को लागू कर दिया गया। इसके तहत कोई भी तीन बार से ज्यादा खेल संघ जिम्मेदारी नहीं संभाल सकता। इसे बदलना चाहिए। सिंह ने कहा कि खेल संघों के पदाधिकारियों के लिए आयु सीमा 70 वर्ष रखी जा सकती है, लेकिन कार्यकाल की संख्या को बढ़ाकर कम से कम चार किया जाना चाहिए।
भाजपा सदस्य ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों से जुड़े कथित घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ऐसी स्थिति बनी कि बाद में भारत को एशियाई खेलों की मेजबानी नहीं मिली। उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से लोकसभा सदस्य सिंह ने कहा कि मोदी सरकार आने के बाद खेलों के प्रति लोगों की सोच बदली है। अब हर युवा खिलाड़ी ओलंपिक पदक को अपना लक्ष्य बनाकर प्रयास कर रहा है। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष सिंह ने कहा कि वह आशा करते हैं कि अगले ओलंपिक खेलों में देश को कुश्ती से ही अच्छे संख्या में पद मिलेंगे ।


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