कांग्रेस ने शुक्रवार को एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने मनरेगा के तहत मजदूरी में अब तक की सबसे कम बढ़ोतरी की है जिससे स्पष्ट होता है कि यह सरकार गरीब विरोधी है। पार्टी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मनरेगा तथा गरीबों से जुड़ी दूसरी योजनाओं का बार बार मजाक उड़ाया है।
उन्होंने कहा, ”नरेंद्र मोदी गरीब विरोधी सरकार चला रहे हैं। वह न्याय के विरोध में और अन्याय के पक्ष में खड़े हैं। उनकी सरकार सिर्फ सूटबूट वालों के लिए हैं।” प्रियंका ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा,”एक रिपोर्ट सामने आई है जिससे साबित होता है कि इस गरीब विरोधी सरकार ने मनरेगा के तहत मजदूरी में सिर्फ 2.16 फीसदी की औसत बढ़ोतरी की है। छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। 15 राज्यों में एक रुपये से लेकर पांच रुपये की बढ़ोतरी की गई है।”
उन्होंने दावा किया, ”देश में 40 फीसदी इलाके सूखे से प्रभावित हैं। वहां पर मजदूरों को मनरेगा का बहुत सहारा होता है , लेकिन यह सरकार उन पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।” प्रियंका ने कहा, ”हम मोदी जी से कहना चाहते हैं कि वह जाते – जाते सच्चाई का आईना देखें, क्योंकि जनता ने उनको सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है।”
दरअसल, मीडिया में आई एक खबर के मुताबिक़, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यों के अकुशल कामगारों को मनरेगा के तहत मिलने वाले वेतन का ब्यौरा दिया है। इसमें बताया गया है कि इस साल इसमें 2.16 प्रतिशत की वृद्धि की गई। यह वृद्धि अब तक की सबसे कम मजदूरी वृद्धि है। खबर में यह भी कहा गया है कि इस साल एक अप्रैल से होने वाली वेतन वृद्धि में 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मज़दूरों को कोई वृद्धि नहीं मिली है। बाक़ी 15 राज्यों के मज़दूरों को एक रुपए से लेकर पाँच रुपए तक की वेतन वृद्धि दी गई है।


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