प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने धन शोधन की जांच के संबंध में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) की पूर्व सीएमडी अर्चना भार्गव के दो परिसरों पर छापे मारे। ईडी ने कहा कि बैंकर के खिलाफ धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दिल्ली में कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में सीबीआई द्वारा भार्गव के खिलाफ 2018 में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर की गई।
भार्गव केनरा बैंक की पूर्व कार्यकारी निदेशक भी हैं। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार उन्होंने उस समय आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक 3.63 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की, जब वह सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों में वरिष्ठ पदों पर थीं।एजेंसी ने कहा, ‘‘ईडी ने अपराध में लेनदेन से जुटाई गई 3.63 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का पता लगाने के लिए छापे मारे।’’
उसने बताया कि तलाशी में ईडी ने ‘‘अपराध से जुड़े कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य’’ बरामद किए, जो अर्चना भार्गव के खिलाफ मामले को और पुख्ता करते हैं। ईडी ने कहा कि पूर्व बैंकर के खिलाफ धन शोधन का यह दूसरा मामला है और सीबीआई की 2016 में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए के आपराधिक प्रावधानों के तहत पहले ही उनके खिलाफ जांच चल रही है।
भार्गव 2004 में पंजाब नेशनल बैंक की उप महाप्रबंधक और 2008 में महाप्रबंधक बनीं। उन्होंने एक अप्रैल 2011 से 22 अप्रैल 2013 तक केनरा बैंक के कार्यकारी निदेशक के तौर पर काम किया। उन्होंने 23 अप्रैल 2013 को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की चेयरपर्सन सह प्रबंध निदेशक का पद संभाला और 20 फरवरी 2014 तक इस पद पर रहीं।


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