मनी म्यूल्स पर शिकंजा: साइबर धोखाधड़ी गिरोह के दो आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान धोखाधड़ी से जुड़े 30 बैंक खातों के नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस को एक शिकायतकर्ता ने बताया कि 22 अप्रैल को उनका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया, स्क्रीन पूरी तरह से काली हो गई और डिवाइस असामान्य रूप से गर्म हो गया। कुछ समय बाद, जब फोन सामान्य रूप से चलने लगा तो उन्होंने देखा कि उनकी सहमति के बिना उनके बैंक खाते से 95,000 की…

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान धोखाधड़ी से जुड़े 30 बैंक खातों के नेटवर्क का खुलासा किया।

पुलिस को एक शिकायतकर्ता ने बताया कि 22 अप्रैल को उनका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया, स्क्रीन पूरी तरह से काली हो गई और डिवाइस असामान्य रूप से गर्म हो गया। कुछ समय बाद, जब फोन सामान्य रूप से चलने लगा तो उन्होंने देखा कि उनकी सहमति के बिना उनके बैंक खाते से 95,000 की राशि डेबिट कर दी गई थी। इसके बाद 23 अप्रैल को शिकायतकर्ता ने पाया कि उसी खाते से किसी अज्ञात स्रोत के माध्यम से 96,000 का एक और अनधिकृत लेनदेन किया गया था। उनके खाते से धोखाधड़ी से निकाली गई कुल राशि 1 लाख 91 हजार रुपये थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने न तो इन लेनदेनों को शुरू किया था और न ही अधिकृत किया था और उन्हें संदेह है कि उनके मोबाइल डिवाइस और बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का अज्ञात साइबर धोखेबाजों द्वारा दुरुपयोग किया गया है।

शिकायत पर पुलिस स्टेशन साइबर सेंट्रल ने एफआईआर दर्ज कर लिया था। मामले की जांच और अपराधियों को पकड़ने के लिए एक टीम गठित की गई। जांच के दौरान टीम ने विस्तृत तकनीकी और वित्तीय जांच की। पैसे के लेन-देन के विश्लेषण से पता चला कि शिकायतकर्ता के खाते से 1 लाख 91 हजार रुपये धोखाधड़ी से कई बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए थे, जिसमें रोहित कुमार बैरवा के नाम पर यस बैंक का खाता और एक अन्य लाभार्थी का कोटक महिंद्रा बैंक का खाता शामिल है। इसके अलावा, लाभार्थी खाते के विवरणों के विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और स्थानीय पूछताछ के आधार पर टीम जयपुर पहुंची, जहां आरोपियों का सफलतापूर्वक पता लगाया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

लंबे समय तक चली पूछताछ के दौरान आरोपी रोहित कुमार बैरवा ने खुलासा किया कि उसने लोकेश महावर को धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि पर 2 फीसदी कमीशन के बदले कई बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। उसके खुलासे और पुख्ता तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने उसी दिन लोकेश महावर का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

आगे की पूछताछ में पता चला कि लोकेश साइबर धोखाधड़ी गिरोहों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने और उनकी व्यवस्था करने में सक्रिय रूप से शामिल था और उसने साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को स्थानांतरित करने के लिए लगभग 30 फर्जी बैंक खातों की व्यवस्था की थी। वह ऐसे खातों की व्यवस्था करने के लिए कमीशन लेता था और धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने और स्थानांतरित करने में शामिल एक बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

आरोपी ने खुलासा किया कि पीड़ितों के मोबाइल फोन और बैंकिंग एप्लिकेशन तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त की और धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को फर्जी खातों में स्थानांतरित कर दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित न्यायालय में पेश किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने, अतिरिक्त खाताधारकों का पता लगाने और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण पूरा करने के लिए आगे की जांच जारी है।

–आईएएनएस

ओपी/

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