केंद्र सरकार ने बुधवार को बताया कि चार सालों में ( 2016 से 2019) देश के विभिन्न हिस्सों में विधिविरूद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (Prevention of Unlawful Activities Act) के तहत गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या लगभग 6 हज़ार है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि साल 2019 में यूएपीए के तहत 1,948 लोग गिरफ्तार किए गए है।
राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में जी किशन रेड्डी ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या 1,948 है। उन्होंने कहा कि यूएपीए के तहत 2016 से 2019 के दौरान गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या 5,922 है जबकि इस अवधि में 132 व्यक्तियों को बरी कर दिया गया।
2019 में राजद्रोह के आरोप में 96 लोग हुए गिरफ्तार
देश के विभिन्न भागों में 2019 के दौरान राजद्रोह के 93 मामले दर्ज किए गए जिनमें 96 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा में जानकरी दी कि 2019 में 76 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए गए जबकि 29 लोगों को अदालतों द्वारा बरी कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि सबसे अधिक 22 ऐसे मामले कर्नाटक में दर्ज किए गए जहां 18 लोगों की गिरफ्तारी की गई। रेड्डी ने बताया कि असम में राजद्रोह के 17 मामले दर्ज किए गए जहां 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में राजद्रोह के 11 मामले दर्ज किए गए जहां 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में ऐसे 10 मामले दर्ज किए गए जहां नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया।


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