मुंबई, 27 अगस्त (आईएएनएस)। मुंबई के परेल इलाके में ईद-ए-मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच हुई झड़प और नारेबाजी के मामले पर शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने प्रतिक्रिया देते हुए मुंबईकर से गंगा-जमुनी तहजीब और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र की पहचान उनकी संस्कृति और सभ्यता से है। इतने वर्षों में शहर ने कई तरह की परिस्थितियां देखी हैं लेकिन दंगे होना किसी भी स्थिति में ठीक नहीं है।
शाइना एनसी ने आईएएनएस से कहा कि मुंबई में अलग-अलग धर्म और समुदाय के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और ईद से लेकर गणपति तक सभी त्योहार साथ मनाते हैं। शहर की पहचान जात-पात और धर्म से ऊपर उठकर शांति और भाईचारे के साथ रहने की है। उन्होंने कहा कि शिवसेना का भी यही लक्ष्य है और पार्टी के कार्यकर्ता जमीन पर रहकर अमन-शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-बी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक को लेकर भी शाइना एनसी ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी परीक्षा में पेपर लीक नहीं होना चाहिए। चाहे परीक्षा केंद्रीय बोर्ड की हो, स्कूल बोर्ड की या किसी अन्य भर्ती संस्था की, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद पर शिवसेना की प्रवक्ता ने कहा, “मराठी स्वाभिमान, मराठी गौरव और मराठी भाषा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हमारा कहना है कि अगर आप सर्विस प्रोवाइडर हैं, तो आपको यात्रियों से मराठी में बात करने में सक्षम होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि हमने आपको सिखाया नहीं है। हमारे नेता एकनाथ शिंदे और शिवसेना ने 1.5 लाख टैक्सी ड्राइवरों को एक महीने तक मराठी की मुफ्त क्लास दी हैं और उन्हें सर्टिफिकेट भी दिए हैं।”
उन्होंने कहा कि सिस्टम में मौजूद खामियों को दूर करने की जरूरत है। सरकार की ओर से संसद में लाया गया परीक्षा संबंधी कानून देशभर में होने वाली परीक्षाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद पर शाइना एनसी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “गृह मंत्रालय ने कहा है कि सभी छह पद गाए जाने चाहिए। जो लोग इसे नहीं गाते, उन्हें राष्ट्रवाद पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। इसे जबरदस्ती थोपा नहीं जाना चाहिए, लेकिन स्कूल और कॉलेज के कार्यक्रमों और अहम आयोजनों में ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ दोनों ही गाए जाने चाहिए। दोनों को गाने से देश और मातृभूमि के प्रति सशक्त होने का अहसास होता है।”
नेपाल में आए भीषण फ्लैश फ्लड्स पर भी शाइना एनसी ने दुख जताया। उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के कुछ पर्यटक भी नेपाल में फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए महाराष्ट्र के नेता एकनाथ शिंदे और शिवसेना की ओर से संपर्क किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध हमेशा से दोस्ताना रहे हैं और भारत ने मुश्किल समय में नेपाल का साथ दिया है। साथ ही उन्होंने फ्लैश फ्लड्स को पर्यावरण से जुड़ी गंभीर चिंता बताया। उनका कहना है कि पर्यावरणीय चुनौतियां किसी एक देश तक सीमित नहीं रहतीं। इसलिए भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा आरएसएस के एक कार्यक्रम के विरोध के सवाल पर शाइना एनसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ममदानी ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने आरएसएस के कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा कि संगठन का उद्देश्य लोगों को साथ जोड़ना और राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करना है। अमेरिका में रहने वाले बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग डॉक्टर, वकील, वैज्ञानिक और टैक्सी ड्राइवर जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं और ऐसे कार्यक्रमों के जरिए भारतीय समुदाय को जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
–आईएएनएस
पीआईएम/पीएम
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