पंजाब में रविवार को विभिन्न स्थानों पर किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाए गए। वहीं इस मुद्दे पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। इस बीच बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है लेकिन अनापेक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरा ड्रामा राहुल गांधी द्वारा निर्देशित किया गया है।
The Rahul Gandhi-directed drama of burning PM’s effigy in Punjab is shameful but not unexpected. After all, the Nehru-Gandhi dynasty has NEVER respected the office of the PM. This was seen in the institutional weakening of the PM’s authority during the UPA years of 2004-2014.
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) October 26, 2020
जेपी नड्डा ने ट्वीट कर कहा कि “पंजाब में पीएम मोदी का पुतला जलाने का शर्मनाक ड्रामा राहुल गांधी के द्वारा निर्देशित है, लेकिन उन्हें उनसे ऐसी ही उम्मीद थी। नेहरू-गांधी खानदान ने कभी भी प्रधानमंत्री पद का आदर नहीं किया है। यह पहली बार नहीं है 2004-2014 के बीच भी ऐसा ही देखने को मिला था जब यूपीए के शासनकाल में प्रधानमंत्री पद को संस्थागत तरीके से कमजोर किया गया था।
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि “कांग्रेस में निराशा और बेशर्मी का मेल खतरनाक है और पार्टी के पास दोनों हैं। जहां कांग्रेस में बेटा घृणा, क्रोध, झूठ और आक्रामकता की राजनीति करता है तो वहीं, मां शालीनता और लोकतंत्र की बयानबाजी करती हैं। यह कांग्रेस के दोयम दर्जे को दिखाता है।”
उन्होंने कहा कि “इस वंश को एक व्यक्ति से गहरी नफरत है, जो गरीबी में पैदा हुआ और पीएम बना। लेकिन जितनी नफरत कांग्रेस को पीएम मोदी से है, उतना ही प्यार भारत की जनता को प्रधानमंत्री से है। कांग्रेस का झूठ और नफरत जितनी बढ़ेगी जनता उतना अधिक पीएम मोदी को समर्थन करेंगे।”
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि ‘‘यह पूरे पंजाब में जो कल हुआ। यह दुखद है कि पंजाब में प्रधानमंत्री के प्रति लोगों में इतना आक्रोश है। यह बहुत खतरनाक है और हमारे देश के लिए इस तरह की स्थिति अच्छी नहीं है। प्रधानमंत्री को गुस्साए लोगों से मिलकर उनकी बात सुननी चाहिए और जल्द से जल्द उनकी समस्या पर ध्यान देना चाहिए।’’
बता दें कि प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को ‘काला कानून’ बताया और भाजपा नीत राजग सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने इन कानूनों को वापस लेने की मांग की। अमृतसर में किसानों ने किसान मजदूर संघर्ष सिमति के तत्वावधान में मोदी का पुतला जलाया।


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