मुंबई : महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री दिवाकर राउते ने बताया कि सरकार में शिवसेना कोटे के मंत्रियों ने कैबिनेट की बैठक में राज्य में 44 अरब डॉलर की तेल शोधक संयंत्र परियोजना के सिलसिले में हुए सहमति पत्र (एमओयू) को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। राउते ने साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि कोंकण क्षेत्र में प्रस्तावित रिफाइनरी में हिस्सेदारी के लिए अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) और सऊदी एराम्को के बीच सहमति करार पर हस्ताक्षर हुए हैं जिसपर शिवसेना के मंत्रियों ने आपत्ति जताई है।
शिवसेना परियोजना का विरोध कर रही है और दावा कर रही है कि यह क्षेत्र की नाजुक पारिस्थितिकी को नष्ट कर देगा। उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कल कहा था कि सहमति पर हस्ताक्षर करने से पहले राज्य सरकार को भरोसे में नहीं लिया गया। राउते ने कहा कि पार्टी के मंत्रियों ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि फडणवीस ने मंत्रियों से कहा कि वह देसाई के साथ मुद्दे पर चर्चा करेंगे। बहरहाल , मुख्यमंत्री दफ्तर के अधिकारियों ने बताया कि आज की बैठक में नाणार रिफाइनरी के मुद्दे पर चर्चा नहीं की गई।
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