National Herald Case Update: नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी औऱ राहुल गांधी को आज बड़ी राहत मिली है। बता दें कि कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में ED की जांच पर भी सवाल उठाया है, साथ ही सोनिया गांधी को FIR की कॉपी देने से भी मना कर दिया है। एफआईआर में आपराधिक साजिश और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और छह अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
National Herald Case Update

दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी और कई अन्य लोग नेशनल हेराल्ड मामले के संबंध में दिल्ली पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर की प्रति प्राप्त करने के हकदार नहीं हैं। राउज़ एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा पारित एक पूर्व आदेश को रद्द करते हुए फैसला सुनाया कि आरोपी को एफआईआर दर्ज होने के बारे में सूचित किया जा सकता है।
National Herald money laundering case | Delhi’s Rouse Avenue court said that the ED may continue the further investigation. However, the court said cognisance cannot be taken at this stage as the ED’s case is based on a private complaint filed by Subramanian Swamy and the…
— ANI (@ANI) December 16, 2025
Delhi Court Dismisses ED Complaint
यह फैसला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दायर एक आवेदन पर आया है, जिसमें मजिस्ट्रेट अदालत के उस निर्देश को चुनौती दी गई थी जिसमें आरोपी को एफआईआर की एक प्रति उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। यह विवाद ईओडब्ल्यू द्वारा 3 अक्टूबर को दर्ज की गई एक नई एफआईआर से उपजा है, जिसने नेशनल हेराल्ड अखबार और उसकी मूल कंपनी, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के बीच एक दशक पुराने विवाद को फिर से हवा दे दी है।
National Herald Case Delhi court
यह एफआईआर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसमें एजेएल और उससे जुड़ी संस्थाओं से संबंधित वित्तीय लेनदेन और संपत्ति अधिग्रहण की बार-बार जांच की गई थी। एफआईआर में गांधी परिवार और छह अन्य लोगों पर अब बंद हो चुके नेशनल हेराल्ड अखबार की मूल कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर “धोखाधड़ी से कब्जा करने” की आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।
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सोनिया और राहुल गांधी के साथ-साथ, एफआईआर में सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और सुनील भंडारी के अलावा तीन संस्थाओं यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और एजेएल का नाम भी शामिल है। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, 4 अक्टूबर को पुलिस ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत में एफआईआर की एक प्रति दाखिल की। दो दिन बाद, एसीजेएम ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह आरोपियों को एफआईआर की सूचना दे और उन्हें उसकी एक प्रति उपलब्ध कराए। हालांकि, 8 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने इस आदेश को चुनौती दी और विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने उसी दिन मजिस्ट्रेट के निर्देशों पर रोक लगा दी।





















