National Herald Case Update: नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेतृत्व को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। इस फैसले से कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत सात आरोपियों को तत्काल राहत मिली है, हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईडी चाहे तो इस मामले में आगे जांच जारी रख सकती है।
National Herald Case: नेशनल हेराल्ड केस विस्तार से जानें

आजादी की लड़ाई में नेशनल हेराल्ड एक राष्ट्रवादी अख़बार के तौर पर स्थापित हुआ। इसकी स्थापना जवाहलाल नेहरू ने 1938 में की थी। जिस पर ब्रिटिश सरकार ने 1942 में पाबंदी भी लगाई और उसे बंद करा दिया, लेकिन तीन साल बाद ये फिर से शुरू हो गया। आर्थिक तंगी के कारण 2008 में इसका प्रकाशन बंद हो गया। नेशनल हेराल्ड का संचालन करने वाली कर्ज में डूबी एजेएल कंपनी ने 2010 में यह घोषणा कर दी कि वह कर्ज नहीं चुका सकती।
उस समय एजेएल पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का 90.21 करोड़ रुपए का ब्याज रहित ऋण बकाया था। आरोप है कि 2010 में गठित यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के जरिए इस ऋण को मात्र 50 लाख रुपए में खरीद लिया गया। यंग इंडियन में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास संयुक्त रूप से 76 प्रतिशत शेयर हैं, जिससे वे इसकी लाभार्थी मालिक बने। विवाद तब शुरू हुआ जब 2012 में बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक आपराधिक शिकायत दर्ज की। इसमें उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं पर आरोप लगाया कि वो Young Indian Ltd (YIL) द्वारा Associated Journals Ltd के अधिग्रहण में विश्वासघात और धोखाधड़ी में शामिल हैं।
National Herald Case Update: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सुनाया फैसला
Rahul Gandhi: राहुल गांधी और कई अन्य लोग नेशनल हेराल्ड मामले कथित आरोपी
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी और कई अन्य लोग नेशनल हेराल्ड मामले के संबंध में दिल्ली पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर की प्रति प्राप्त करने के हकदार नहीं हैं। राउज़ एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा पारित एक पूर्व आदेश को रद्द करते हुए फैसला सुनाया कि आरोपी को एफआईआर दर्ज होने के बारे में सूचित किया जा सकता है।
ALSO READ: सोनिया-राहुल को बड़ी राहत, नेशनल हेराल्ड केस में कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर सुनवाई से किया इंकार


Download Android App
Download iOS App





