पटना : बिहार में फिर जॉर्ज फर्र्नांडीस का नाम ताजा करने के लिए 28 जून को पटना के ऐतिहासिक श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में राष्ट्रीय समता पार्टी (सेकुलर) का गठन होगा। जिसका चुनाव चिन्ह ट्रैक्टर होगा। यह काम जहानाबाद के सांसद डा. अरूण कुमार के हाथों शुभारंभ होगा। अरूण कुमार ने जॉर्ज और राजनारायण को उनके विचारों को पूरे देश में चलाने का काम किया। एक जमाना था कि जॉर्ज का नाम लेकर बिहार से दिल्ली तक राजनीतिक करते थे जब वे गर्दिश में आ गये तो उनका पीछा छोड़ दिया।
लेकिन डा. अरूण जॉर्ज को लेकर चलते रहे। यह पार्टी का मुख्य मकसद बिहार में स्वास्थ्यए शिक्षा और कृषि के लिए संघर्ष करेंगे। वहीं इनका नारा जो अन्न वस्त्र उपजायेगा शासन उसी का चलेगा। यह पार्टी का मुख्य फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानी का है। जॉर्ज विचार मंच भी पूरे देश में काम किया। क्योंकि जॉर्ज फर्नांडीस भारतीय राजनीतिक में एक जुझारू और पत्रकार व्यक्ति थे, वे केन्द्र सरकार में रेल मंत्री एवं रक्षा मंत्री भी थे।
1967 से लेकर 2004 तक लोकसभा के सदस्य रहे। जॉर्ज फर्नांडीस का खासियत था कि वे पजामा-कुर्ता और हवाई चप्पल पहनकर सादगी का जीवन जीते थे। आज के युग में नेता महंगी गाडिय़ां और महंगे कपड़ा पहनकर चलते हैं। वे सब दिन मजदूरों के लिए लड़ाई लड़ते रहे। बिहार में 1984 में समता पार्टी की स्थापना की थी और बिहार के नालंदा और गोपालगंज में सैनिक स्कूल एवं आयुध कारखाना खुला जो उन्हीं की देन है।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि पार्टी के पूर्व विधान पार्षद अजय सिंह अलमस्त राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे जबकि ओमप्रकाश ङ्क्षसह बिन्द पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष होंगे। अजय सिंह अलमस्त एवं ओमप्रकाश बिन्द दोनों अतिपिछड़ा समाज से आते हैं उन्हें कमान सौंप वोट बैंक अपनी ओर करना चाहते हैं। उपेन्द्र कुशवाहा एवं अरूण कुमार मिलकर 2014 में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का गठन किये और उपेन्द्र कुशवाहा खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष और अरूण कुमार प्रदेश अध्यक्ष थे। भाजपा के साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़े थे जहां तीन सीटों पर चुनाव लड़े और विजय भी हुए।
उपेन्द्र कुशवाहा काराकाट से चुनाव जीते थे और वे आज केन्द्रीय मंत्री भी हैं डा. अरूण कुमार जहानाबाद एवं तीसरा सीट राजकुमार वर्मा सीतामढ़ी से जीतकर आये थे। उपेन्द्र कुशवाहा और अरूण कुमार के बीच अनबन हो गया और अरूण कुमार को पार्टी से निलंबित कर दिया। इसके बाद अरूण कुमार एनडीए के अन्दर रहकर अपने आपको नयी पार्टी बनाने के लिए सोंचने लगे। अरूण गुट अपने आपको रालोसपा के अध्यक्ष के तौर पर दावा करते रहे मगर अब अरूण कुमार ने नयी पार्टी बनाकर भाजपा से कंधा से कंधा मिलाकर चुनाव लडऩे की कोशिश में है।
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