National Science Award: पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ एवं पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. सुरेश कुमार अंगुराना को चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार, विज्ञान युवा (शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार) 2025 से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया गया।
National Science Award
डॉ. अंगुराना वर्ष 2025 के लिए चयनित 15 विज्ञान युवा पुरस्कार विजेताओं में शामिल हैं। वर्तमान में वे PGIMER के एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर (APC) में बाल रोग विभाग के अंतर्गत पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर डिवीजन में अतिरिक्त प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। डॉ. सुरेश कुमार अंगुराना को यह सम्मान बाल रोग एवं पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में उनके अग्रणी शोध और उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया है। उनके शोध ने गंभीर रूप से बीमार बच्चों में गट माइक्रोबायोम, संक्रमण की रोकथाम और सेप्सिस प्रबंधन को नई दिशा दी है। उन्होंने प्रोबायोटिक्स पर कई ऐतिहासिक क्लिनिकल ट्रायल का नेतृत्व किया, जिनमें यह सिद्ध हुआ कि प्रोबायोटिक्स गंभीर संक्रमणों, कैंडिडुरिया और इनवेसिव कैंडिडायसिस को कम करने में प्रभावी हैं।
Dr. Suresh Kumar Angurana
उनका शोध कार्य प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नलों जैसे Critical Care Medicine और Pediatric Critical Care Medicine में प्रकाशित हुआ है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कई समीक्षा लेखों के माध्यम से गंभीर रूप से बीमार बच्चों में प्रोबायोटिक्स की भूमिका, आंतों के माइक्रोबायोम की बहाली और सूजन नियंत्रण की वैज्ञानिक व्याख्या की। कोविड-19 महामारी के दौरान भी डॉ. अंगुराना का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने बच्चों में कोविड-19 और मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (MIS-C) के क्लिनिकल स्वरूप, हृदय संबंधी जटिलताओं और दीर्घकालिक प्रभावों पर अहम शोध किया, जो राष्ट्रीय उपचार दिशानिर्देशों का आधार बना। उन्होंने MIS-C और गंभीर डेंगू के तुलनात्मक अध्ययन के माध्यम से बाल चिकित्सा क्षेत्र को महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की।
Leading International Research Projects
डॉ. अंगुराना ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगी शोध परियोजनाओं का नेतृत्व किया है, जिनमें ICMR द्वारा वित्तपोषित ReLiSCh-M ट्रायल, InChiTape (भारतीय बच्चों के लिए लंबाई आधारित टेप) का विकास तथा सिंगापुर स्थित PACCMAN के साथ अंतरराष्ट्रीय अध्ययन शामिल हैं। अब तक उनके नाम 240 से अधिक शोध प्रकाशन, 60 से अधिक कॉन्फ्रेंस प्रस्तुतियां और 20 से अधिक पुस्तक अध्याय दर्ज हैं। उन्हें इससे पहले भी डॉ. एच.बी. डिंगली मेमोरियल अवार्ड, डॉ. तुलसी दास चुग अवार्ड, मेजर जनरल अमीर चंद गोल्ड मेडल सहित कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. सुरेश कुमार अंगुराना ने कहा कि इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार को प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत गौरव और विनम्रता का क्षण है। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति के लिए यह सम्मान मेरे शिक्षकों, माता-पिता, परिवार, सहकर्मियों और PGIMER के सहयोग के बिना संभव नहीं था। यह पुरस्कार हमारे पूरे विभाग और संस्थान का है, जो मानवता की सेवा के लिए निरंतर कार्यरत है। डॉ. अंगुराना का यह सम्मान न केवल PGIMER बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और यह भारत में गंभीर रूप से बीमार बच्चों की चिकित्सा देखभाल को और बेहतर बनाने की दिशा में एक प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।
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