नवरात्रि विशेष : व्रत में ‘कुट्टू’ सेहत के लिए परफेक्ट, कंट्रोल में रहेगा ब्लड प्रेशर

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नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र नवरात्रि के पवित्र नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा की आराधना के साथ व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान अनाज से परहेज करना पड़ता है, इसलिए कुट्टू का आटा फलाहार का सबसे लोकप्रिय और सेहतमंद विकल्प है। कुट्टू वास्तव में अनाज नहीं, बल्कि एक बीज है, जो ग्लूटेन-फ्री होने के कारण पाचन और ऊर्जा के लिए बेहद फायदेमंद होता है। कुट्टू के आटे से बनी पूरी, पराठा, पकौड़ी, खीर, हलवा और सिंपल खिचड़ी व्रत में बहुत खाई जाती है। इसमें भरपूर कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन होते हैं, जो व्रत में तुरंत ऊर्जा देते हैं और…

नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र नवरात्रि के पवित्र नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा की आराधना के साथ व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान अनाज से परहेज करना पड़ता है, इसलिए कुट्टू का आटा फलाहार का सबसे लोकप्रिय और सेहतमंद विकल्प है। कुट्टू वास्तव में अनाज नहीं, बल्कि एक बीज है, जो ग्लूटेन-फ्री होने के कारण पाचन और ऊर्जा के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

कुट्टू के आटे से बनी पूरी, पराठा, पकौड़ी, खीर, हलवा और सिंपल खिचड़ी व्रत में बहुत खाई जाती है। इसमें भरपूर कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन होते हैं, जो व्रत में तुरंत ऊर्जा देते हैं और थकान नहीं होने देते। फाइबर की अच्छी मात्रा होने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती और वजन नियंत्रित रहता है। कुट्टू में मैग्नीशियम और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। व्रत के दौरान शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होती।

यह ग्लूटेन-फ्री है, इसलिए जिन्हें गेहूं से एलर्जी या सीलिएक रोग है, वे भी बिना चिंता के खा सकते हैं। कुट्टू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। व्रत में मीठा खाने की इच्छा होती है, लेकिन कुट्टू की खीर या हलवा खाने से शुगर कंट्रोल में रहता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी सुरक्षित विकल्प है। पाचन के लिए कुट्टू रामबाण है। फाइबर से कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं नहीं होतीं। व्रत में अक्सर पेट भारी रहता है, लेकिन कुट्टू हल्का और आसानी से पचने वाला होता है।

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय को स्वस्थ रखते हैं, बैड कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखते हैं। कुट्टू में प्रोटीन, मैग्नीशियम, मैंगनीज और विटामिन बी भी भरपूर होते हैं, जो व्रत में शरीर को पोषण देते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रैडिकल्स से लड़ते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी करते हैं।

कुट्टू के आटे या चावल से कई व्यंजन बना सकते हैं और बनाने का तरीका भी आसान है। कुट्टू का आटा पानी में घोलकर कढ़ी बनाएं या सब्जी मिलाकर खिचड़ी तैयार करें। व्रत में नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करें। साथ ही तेहरी और हलवा आदि भी बेहतर विकल्प हैं।

–आईएएनएस

एमटी/एबीएम

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