नौसेना प्रमुख एडमिरल करमवीर सिंह ने हाल में संपन्न नौसैन्य अभ्यास की शुक्रवार को विस्तृत समीक्षा की। इस अभ्यास के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में अभ्यास के दौरान युद्धपोतों, पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल हुआ था। अधिकारियों ने इस बारे में बताया।
भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और तटरक्षक बल ने भी द्विवार्षिक अभ्यास में हिस्सा लिया था। इसे नौसेना का सबसे बड़ा अभ्यास बताया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि एडमिरल सिंह ने कोच्चि में ट्रोपेक्स-21 (थिएटर स्तरीय संचालन तैयारी अभ्यास) पर बैठक की अध्यक्षता की और इसमें कई शीर्ष कमांडर शामिल हुए।
नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘सभी कमांडरों के साथ नौसेना प्रमुख द्वारा अभ्यास की समीक्षा की गयी।’’
यह अभ्यास ऐसे समय हुआ जब चीन हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है।
यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में आसन्न जल क्षेत्र समेत एक विशाल भौगोलिक क्षेत्र में आयोजित किया गया और इसका उद्देश्य वर्तमान भू-रणनीतिक हालात के संदर्भ में बहुआयामी परिदृश्य में नौसेना की युद्ध तत्परता का परीक्षण करना है।
यह अभ्यास नौसेना के संचालन की अवधारणा का परीक्षण और सत्यापन करने, अपने युद्ध कौशल को निखारने, समुद्री सुरक्षा की दिशा में अपनी भूमिका को मजबूत करने जैसे विषय को ध्यान में रखते हुए किया गया।


Download Android App
Download iOS App



