नए लेबर कोड का बड़ा बदलाव: अब 1 साल में भी मिलेगी ग्रेच्युटी का हक; सरकार के इस फैसले से किसे होगा फायदा

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New Labour Code Gratuity Rule India: नए लेबर कोड ने ग्रेच्युटी के नियमों में बदलाव किया है, जिससे कुछ योग्य कर्मचारी लगातार एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी का दावा कर सकते हैं; यह पहले के पांच साल के नियम से कम कर दिया गया है। नवंबर 2025 में लागू होने वाले नए लेबर कोड, फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी को प्रो-राटा आधार पर जल्दी उपलब्ध कराते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थायी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का दावा करने के लिए अभी भी 5 साल की सेवा पूरी करनी होगी, हालांकि मृत्यु या…

New Labour Code Gratuity Rule India: नए लेबर कोड ने ग्रेच्युटी के नियमों में बदलाव किया है, जिससे कुछ योग्य कर्मचारी लगातार एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी का दावा कर सकते हैं; यह पहले के पांच साल के नियम से कम कर दिया गया है। नवंबर 2025 में लागू होने वाले नए लेबर कोड, फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी को प्रो-राटा आधार पर जल्दी उपलब्ध कराते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थायी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का दावा करने के लिए अभी भी 5 साल की सेवा पूरी करनी होगी, हालांकि मृत्यु या विकलांगता के मामलों में कुछ अपवाद हैं।

New Labour Code Gratuity Rule India: CTC के 50% पर तय होगी ग्रेच्युटी

New Labour Code Gratuity Rule India
New Labour Code Gratuity Rule India (Source: Social Media)

फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को कंपनियां एक लिखित कॉन्ट्रैक्ट के तहत एक तय समय के लिए काम पर रखती हैं। यह समय एक या दो साल तक हो सकता है। ऐसे कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की गणना अब प्रो-राटा आधार पर की जाएगी, जो उनकी सेवा की अवधि को दर्शाएगी। ये नए नियम भारत में लाखों औपचारिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए नौकरी के बाद मिलने वाले लाभों तक पहुँच को बढ़ा सकते हैं। नए लेबर कोड के अनुसार, ग्रेच्युटी वेतन पर आधारित होनी चाहिए, जो कर्मचारी की कुल ‘कॉस्ट-टू-कंपनी’ (CTC) का कम से कम 50 प्रतिशत होना चाहिए।

New Labour Code Gratuity Rule India: वेतन की नई परिभाषा

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New Labour Code Gratuity Rule India (Source: Social Media)

श्रम मंत्रालय के मुताबिक, किसी नियुक्त व्यक्ति को वेतन, भत्ते या किसी अन्य रूप में दिया जाने वाला समस्त पारिश्रमिक, जिसमें मूल वेतन, महंगाई भत्ता और यदि कोई हो, तो रिटेनिंग भत्ता शामिल है।”इसलिए, जिन कर्मचारियों का पिछला मूल वेतन कम रहा है, उनके ग्रेच्युटी भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

कानून द्वारा अनिवार्य ग्रेच्युटी, एकमुश्त भुगतान है जो कर्मचारी को नियोक्ता से उसकी लंबी अवधि की सेवा की सराहना के प्रतीक के रूप में मिलता है, आमतौर पर पांच साल की सेवा या सेवानिवृत्ति के बाद। श्रम मंत्रालय ने अपने FAQ दस्तावेज़ों में कहा, “ग्रेच्युटी 21 नवंबर, 2025 से, यानी कोड के लागू होने की तारीख से प्रभावी होगी। प्रतिष्ठान लेखांकन मानदंडों के अनुसार प्रावधान कर सकते हैं।”इस प्रकार, केवल वे कर्मचारी जो 21 नवंबर, 2025 को या उसके बाद किसी कंपनी में शामिल होते हैं, वे ही लगातार एक साल की सेवा पूरी करने के बाद ग्रेच्युटी का दावा करने के पात्र होंगे।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।