नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। नई दिल्ली की एक स्पेशल एनआईए कोर्ट ने नगा उग्रवादी संगठन एनएससीएन (आईएम) की अंतरराष्ट्रीय हथियार खरीद साजिश से जुड़े मामले में थाई नागरिक और हथियार तस्कर विली नारुएनार्टवानिच को छह साल की जेल और 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
राऊज एवेन्यू में एनआईए मामलों के लिए बनी स्पेशल एक्सक्लूसिव कोर्ट-03 ने बुधवार को यह सजा सुनाई। कोर्ट ने नारुएनार्टवानिच को 24 सितंबर को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी और 122 तथा गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया था।
यह मामला नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (इसाक-मुइवा) द्वारा विदेशी स्रोतों से घातक हथियारों और गोला-बारूद की बड़ी खेप हासिल करने की साजिश से जुड़ा है। इन हथियारों का मकसद संगठन के सशस्त्र कैडरों को मजबूत करना और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देना था। साथ ही ये भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की तैयारी से जुड़ी गतिविधियां भी थीं। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 13 जनवरी, 2010 को यह मामला दर्ज किया था।
जांच के अनुसार, बैंकॉक में रहने वाले थाई व्यवसायी और हथियार तस्कर नारुएनार्टवानिच (उर्फ मिस्टर वुथिकॉर्न नारुएनार्टवानिच, उर्फ विली) ने हथियार खरीद नेटवर्क में बिचौलिए और मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर काम किया। उसने एनएससीएन(आईएम) के मुख्य हथियार खरीदकर्ता एंथनी शिमरे के साथ मिलकर काम किया और चीनी हथियार और गोला-बारूद कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में मदद की।
जांच में यह बात सामने आई कि प्रस्तावित खरीद और ट्रांसशिपमेंट व्यवस्था की कीमत लगभग 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी। दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने की यह घटना उस मामले में एक अहम मोड़ है, जो एनएससीएन(आईएम) द्वारा विदेशी स्रोतों से हथियार और गोला-बारूद हासिल करने के लिए इस्तेमाल किए गए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा है।
–आईएएनएस
एएसएच/वीसी
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