गांधीनगर, 25 मई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार की ‘निराधार वृद्ध पेंशन योजना’ राज्य के लाखों बुजुर्गों के लिए बड़ा आर्थिक सहारा बनकर उभरी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित यह योजना बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद कर रही है। योजना के तहत 60 से 79 वर्ष तक के वृद्धजनों को हर महीने 1,000 रुपए, जबकि 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 1,250 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
बनासकांठा जिले की पालनपुर तालुका निवासी बुजुर्ग हजारीमल जोशी इस योजना के लाभार्थियों में शामिल हैं। उन्हें पिछले दस वर्षों से हर महीने एक हजार रुपए की पेंशन सीधे डीबीटी के जरिए बैंक खाते में मिल रही है। हजारीमल जोशी का कहना है कि इस सहायता से उन्हें रोजमर्रा के खर्चों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
उन्होंने बताया, “हमें पिछले दस वर्षों से हर महीने एक हजार रुपए पेंशन मिल रही है। इससे काफी सहायता मिलती है और मेरा गुजारा चल जाता है। मैं मंदिर में पूजा करता हूं। कहीं आना-जाना हो या कोई सामान खरीदना हो, तो इस पैसे से मदद मिल जाती है। सरकार और पीएम मोदी का बहुत-बहुत आभार।”
हजारीमल जोशी ने आगे कहा कि अब उन्हें दवा और इलाज जैसे जरूरी खर्चों के लिए बच्चों से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा, “खाना-पीना हो या कहीं जाना हो, मैं खुशी से खर्च कर सकता हूं। इस उम्र में सरकार की यह सहायता आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का सहारा बनी है।”
पालनपुर के मामलतदार एसबी प्रजापति ने बताया कि पालनपुर तालुका में वृद्ध लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में निराधार वृद्ध पेंशन योजना के तहत 3,988 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
सरकार ने योजना के आवेदन की प्रक्रिया भी सरल बनाई है। आवेदन फॉर्म जिलाधिकारी और मामलतदार कार्यालयों में मुफ्त उपलब्ध हैं, जबकि ग्राम पंचायत कार्यालयों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में लागू यह योजना न केवल बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीवन जीने का भरोसा भी दे रही है।
–आईएएनएस
पीएसके/एएस
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



