No-Confidence Motion Rules in India: लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज बुधवार को चर्चा के बाद वोटिंग होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस दौरान चर्चा में शामिल होंगे और इस दौरान वो जवाब देंगे। अमित शाह शाम करीब 4 बजे लोकसभा में अपना बात रख सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार की तरफ से अनुराग ठाकुर और तेजस्वी सूर्या अपना पक्ष रखेंगे। गृह मंत्री अमित शाह के बोलने के बाद, चर्चा पूरी होगी और अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग शुरू होगी।
खबर है कि मोदी सरकार के पास इस प्रस्ताव के खिलाफ पर्याप्त बहुमत मौजूद है। सत्ता पक्ष की ओर से लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ओम बिरला के गुरुवार को सदन में आने की संभावना है। उनका करीब दोपहर 12 बजे लोकसभा पहुंचने का कार्यक्रम है, जिसके बाद वे लगभग 45 मिनट का भाषण भी दे सकते हैं। बता दें कि स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए लोकसभा में 10 घंटे का समय रखा गया है। लेकिन, मंगलवार को सदन में सिर्फ़ 47 मिनट ही चर्चा हो पाई। क्योंकि सदन काफी हंगामेदार हो गया इस कारण से सदन की कार्यवाही रोक दी गई।
आज भी हंगामे के आसार
आज बुधवार सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई। करीब आधे घंटे तक प्रश्नकाल चला। इस दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल ठीक से नहीं चल पाया। इसके बाद पीठासीन दिलीप सैकिया ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
क्यों लाया जाता है अविश्वास प्रस्ताव ?
बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव मुख्य रूप से लोकसभा में विपक्षी दलों द्वारा केंद्र सरकार की बहुमत क्षमता को चुनौती देने और उन्हें महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए मजबूर करने के लिए लाया जाता है। यह एक संसदीय उपकरण है जिसका उद्देश्य यह साबित करना है कि सरकार के पास अब सदन में 50% से अधिक सांसदों का समर्थन नहीं है।
अविश्वास प्रस्ताव पर क्या है भारत में नियम?
1. कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी
अगर कोई सांसद अविश्वास प्रस्ताव लाता है, तो उसे चर्चा के लिए स्वीकार करने से पहले कम से कम 50 सांसदों का समर्थन दिखाना होता है।
2. स्पीकर की मंजूरी के बाद चर्चा
लोकसभा स्पीकर प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं और फिर उस पर सदन में चर्चा के लिए समय तय किया जाता है।
3. बहुमत से फैसला
चर्चा के बाद वोटिंग होती है। अगर सरकार के खिलाफ बहुमत वोट पड़ते हैं, तो सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।


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