नोएडा, 10 जुलाई (आईएएनएस)। नोएडा शहर के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद क्षेत्र में एक निर्माणाधीन व्यावसायिक प्रोजेक्ट के पास सड़क धंसने और आसपास की संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत और नाराजगी का माहौल है।
आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मामले में नोएडा प्राधिकरण ने जांच के आदेश देते हुए संबंधित बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-73 में डी-मार्ट के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण स्थल पर करीब 25 से 30 फीट गहरा बेसमेंट बनाया जा रहा है, जिसमें भारी मात्रा में बारिश का पानी भर गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बेसमेंट में पानी भरने और निर्माण कार्य में लापरवाही के कारण आसपास की जमीन कमजोर हो गई, जिससे सड़क धंस गई और पास स्थित आई-थम बिल्डिंग की दीवार तथा उसके आसपास का हिस्सा भी प्रभावित हो गया।
घटना के दौरान नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्मित नाला और क्षेत्र में लगा ट्रांसफार्मर भी भू-धसान की चपेट में आ गया। इसके अलावा निर्माण स्थल से सटा एक बारात घर भी झुक गया है। सुरक्षा के मद्देनजर बारात घर पर ताला लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस बारात घर को जल्द ही स्थानीय निवासियों को हैंडओवर किया जाना था, लेकिन अब इसकी संरचनात्मक सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। गहरे बेसमेंट की उचित बैरिकेडिंग, मिट्टी को सहारा देने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते आवश्यक सावधानियां बरती जातीं तो सड़क धंसने और आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकता था।
घटना के बाद लोगों ने नोएडा प्राधिकरण के सिविल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण इस तरह की लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने समय पर निरीक्षण नहीं किया, जिससे निर्माण स्थल अब संभावित हादसे को न्योता देता नजर आ रहा है।
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्ण कुमार करुणेश ने कहा कि घटना को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है और विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की गई है। यदि जांच में निर्माण एजेंसी या बिल्डर की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों को निर्माण स्थल के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्राधिकरण की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क धंसने और आसपास की संरचनाओं को हुए नुकसान के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होगी।
–आईएएनएस
पीकेटी/एबीएम
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