लखनऊ, 21 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समय के साथ रंग बदलने वाले लोग ‘पी’ की अलग-अलग परिभाषाएं गढ़ते हैं। पहले ‘पी’ को पिछड़े से जोड़ा गया, फिर पंडित से और एक दिन ये लोग ‘पी’ की परिभाषा पाकिस्तान से भी करने लगेंगे।
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बड़ा आदमी पद से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपनी सोच और कर्मों से बड़ा और महान होता है। मुख्यमंत्री ने सपा के पीडीए को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग समय के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं, वे अलग-अलग समय पर ‘पी’ की अलग-अलग परिभाषा बताते हैं। कभी ‘पी’ की परिभाषा पिछड़े से करते हैं, फिर पंडित से करते हैं और एक दिन पाकिस्तान से भी करने लगेंगे।
सीएम योगी ने कहा कि अतरौली के सामान्य किसान परिवार में जन्मे कल्याण सिंह अपनी कर्मठता, मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति अडिग रहने की भावना के साथ आगे बढ़े। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में तपे हुए स्वयंसेवक के रूप में उन्होंने किसान, शिक्षक, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल के रूप में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन सादगी, तप, साधना और संघर्ष से भरा रहा। वह अन्याय के खिलाफ खड़े होने और अत्याचार का मुकाबला करने वाले व्यक्तित्व थे।
उन्होंने सनातन मूल्यों की रक्षा के साथ गांव, गरीब, किसानों, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि गलत काम के लिए बाबूजी पर कितना भी दबाव बनाया जाए, वह दबाव में आकर काम नहीं करते थे। वह कहा करते थे, “कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता।” उन्होंने जीवनभर अपने इस वचन को निभाया।
राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि कल्याण सिंह ने स्पष्ट कहा था कि संघर्ष स्वीकार है और सत्ता चली जाए, यह भी स्वीकार है, लेकिन प्रभु श्रीराम का अपमान स्वीकार नहीं है। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन का खुलकर समर्थन किया और सत्ता गंवाना स्वीकार किया, लेकिन रामभक्तों पर गोली चलाने से इनकार किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर और रामलला का विराजमान होना देखते हैं तो बाबूजी की स्मृति स्वाभाविक रूप से अंतःकरण में उठती है। संतों के संघर्ष, आरएसएस के मार्गदर्शन और विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में चले राम जन्मभूमि आंदोलन में कल्याण सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
सीएम योगी ने कल्याण सिंह के निधन के समय की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में उन्हें तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के निधन के बाद आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिला और तीनों अलग-अलग दलों से थे। उन्होंने कहा कि बाबूजी के निधन का क्षण उनके लिए बेहद दुखद और असहनीय था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सभी कार्यक्रम छोड़कर दिल्ली से सीधे लखनऊ आए और कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। एसजीपीजीआई से लेकर उनके आवास, वहां से अलीगढ़ और नरोरा तक अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में वह और उनकी पूरी कैबिनेट मौजूद रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सामान्य शिष्टाचार और संस्कार के तहत आकर कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेतृत्व ने प्रत्यक्ष रूप से श्रद्धांजलि देने की बात तो दूर, शब्दों के माध्यम से भी संवेदना व्यक्त नहीं की। योगी ने कहा कि यह केवल बाबूजी का अपमान नहीं था, बल्कि जातीय अपमान भी था और उन हिंदुओं का भी अपमान था, जो मानते हैं कि कल्याण सिंह का जीवन सनातन मूल्यों और हिंदू गौरव के लिए समर्पित था।
–आईएएनएस
विकेटी/एसके
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)



Download Android App
Download iOS App



