यूपी स्टार्टअप संवाद 3.0: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बोलीं, युवाओं को रोजगार देने वाला उद्यमी बनने की जरूरत

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लखनऊ, 8 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में ‘यू.पी. स्टार्टअप संवाद 3.0’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक स्टार्टअप, 50 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर और देश के प्रमुख निवेशक एक मंच पर जुटे। आयोजन के जरिए 15 करोड़ रुपए से अधिक की संभावित निवेश पाइपलाइन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले उद्यमी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप केवल कंपनी…

लखनऊ, 8 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में ‘यू.पी. स्टार्टअप संवाद 3.0’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक स्टार्टअप, 50 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर और देश के प्रमुख निवेशक एक मंच पर जुटे।

आयोजन के जरिए 15 करोड़ रुपए से अधिक की संभावित निवेश पाइपलाइन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले उद्यमी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप केवल कंपनी बनाने का नाम नहीं है, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान निकालना और सकारात्मक बदलाव लाना है।

उन्होंने कहा, “जहां समस्या है, वहीं नवाचार की संभावना है। युवाओं के पास प्रतिभा, तकनीक, ऊर्जा और नए विचार हैं, जरूरत केवल आत्मविश्वास की है।” उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में नवाचार पर जोर दिया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से अपने विचारों की बौद्धिक संपदा की रक्षा करने और पेटेंट को नवाचार की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए केवल फंडिंग पर्याप्त नहीं है। सही समस्या, सही समाधान, मजबूत टीम, बेहतर मार्गदर्शन और बाजार की समझ भी जरूरी है। ये पांच आधार मजबूत हों तो पूंजी जुटाने के अवसर अपने आप पैदा होते हैं। राज्यपाल ने बताया कि एकेटीयू ने वर्ष 2021 में करीब 23 करोड़ की लागत से 15 संस्थानों में इनक्यूबेशन सेंटर विकसित किए थे। अब इनकी संख्या 33 हो गई है और इनमें 1,400 से अधिक स्टार्टअप इनक्यूबेट हो रहे हैं।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन इनक्यूबेटर’ के तहत पिछले दो वर्षों में 82 निशुल्क इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के 100 करोड़ रुपए के इनोवेशन फंड को भी महत्वपूर्ण पहल बताया। राज्यपाल ने कहा कि इससे नए विचारों को प्रयोगशाला से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में ‘कलाम पेटेंट सेंटर’ का लोकार्पण, ‘स्टूडेंट एंड फैकल्टी इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप पॉलिसी 2026-2031’ का विमोचन और ‘इनोवेशन हब यूपी पोर्टल’ का शुभारंभ किया गया। ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स नेटवर्क’ की घोषणा के साथ विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी हुआ।

राज्यपाल ने स्टार्टअप एवं इनक्यूबेटर एक्सपो का उद्घाटन कर विभिन्न स्टार्टअप्स के नवाचारों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि सरकार, विश्वविद्यालय, उद्योग और निवेशकों के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश का युवा आने वाले समय में न केवल देश की जरूरतों, बल्कि दुनिया की चुनौतियों के समाधान देने वाला नवाचार-नेता बनेगा।

— आईएएनएस

विकेटी/वीसी

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IANS Agency

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