नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय ने एफिल टावर विवाद को दो पक्षों के बीच का मामला बताया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को भारत का रुख स्पष्ट किया। मामला पिछले सप्ताह पेरिस स्थित बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के निजी दौरे से जुड़ा है।
बीएपीएस प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान एफिल टावर की महिला कर्मचारियों को कुछ क्षेत्रों से दूर रहने के लिए कहे जाने की खबरों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने संक्षिप्त टिप्पणी दी।
आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम पेरिस क्षेत्र में बीएपीएस संस्था द्वारा मंदिर के उद्घाटन से अवगत हैं। जहां तक टावर से जुड़े इस विशेष मामले का सवाल है, यह पूरी तरह से संबंधित पक्षों के बीच का विषय है।”
उनकी यह टिप्पणी उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बीएपीएस प्रतिनिधिमंडल के एफिल टावर दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को कुछ स्थानों से दूर रहने के लिए कहा गया था।
हालांकि मंगलवार को ही बीएपीएस ने इस मुद्दे पर सफाई दे दी थी। संस्था की ओर से पूरी स्थिति स्पष्ट की गई। बताया गया कि दौरा मंदिर के प्रतिनिधिमंडल की निजी यात्रा स्मारक प्रबंधन के साथ मिलकर तय किया गया था। इसे आम खुलने के समय के ठीक पहले रखा गया था ताकि दूसरे पर्यटकों को कम से कम परेशानी हो।
बीएपीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा कि किसी भी व्यक्ति को एफिल टावर में प्रवेश से नहीं रोका गया था। बीएपीएस ने उन लोगों से माफी भी मांगी जिन्हें इस घटना से कोई ठेस पहुंची हो या असुविधा हुई हो।
यह स्पष्टीकरण एफिल टावर के कर्मचारियों की हड़ताल के बाद आया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों को परिसर से हटाया गया था। यह विवाद पिछले सप्ताह बीएपीएस से जुड़े लगभग 100 लोगों के एक निजी दौरे से जुड़ा था, जो पेरिस के बाहरी इलाके में एक मंदिर के उद्घाटन समारोह के लिए फ्रांस आए थे।
इस बीच, पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोइरे ने कहा कि इस मामले की जांच जितनी जल्दी संभव हो सके शुरू की जाएगी। ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “मैं एफिल टॉवर के कर्मचारियों की ओर से जताए गए गुस्से को समझता हूं और उन्हें बताना चाहता हूं कि उनकी नाराजगी जायज है।”
उन्होंने लिखा, “यह बेहद जरूरी है कि उन सभी तथ्यों को सामने लाया जाए, जिनकी वजह से यह विरोध प्रदर्शन हुआ।”
–आईएएनएस
केआर/
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