परिसीमन को लेकर विपक्ष द्वारा आशंकाएं फैलाई जा रही हैं : धर्मेंद्र प्रधान

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नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि परिसीमन को लेकर विपक्ष द्वारा आशंकाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने विपक्ष के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को इस विषय पर कहा कि परिसीमन की यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के मुताबिक परिसीमन का उद्देश्य देश के संघीय ढांचे को मजबूत करना है। गौरतलब है कि परिसीमन के जरिए देश में लोकसभा की सीटों में बढ़ोतरी किए जाने का प्रस्ताव है। विपक्ष का कहना है कि यह प्रस्ताव न्याय संगत नहीं है। विपक्ष ने…

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि परिसीमन को लेकर विपक्ष द्वारा आशंकाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने विपक्ष के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को इस विषय पर कहा कि परिसीमन की यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के मुताबिक परिसीमन का उद्देश्य देश के संघीय ढांचे को मजबूत करना है।

गौरतलब है कि परिसीमन के जरिए देश में लोकसभा की सीटों में बढ़ोतरी किए जाने का प्रस्ताव है। विपक्ष का कहना है कि यह प्रस्ताव न्याय संगत नहीं है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इस परिसीमन में दक्षिण के राज्यों के साथ भेदभाव का किया जा रहा है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान को आधार बनाकर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व 23.76 प्रतिशत से बढ़कर 23.90 फीसदी होना यह दर्शाता है कि सरकार का दृष्टिकोण आनुपातिक और न्यायसंगत है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन की बहस को स्पष्ट संवैधानिक धरातल पर रख दिया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक निष्पक्षता और संघीय संतुलन की रक्षा के लिए अनिवार्य बताया। शिक्षा मंत्री ने विपक्ष और विशेष रूप से कांग्रेस पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि इससे दक्षिण या किसी भी राज्य के साथ अन्याय होगा। यह केवल एक संकीर्ण राजनीतिक एजेंडा है।

धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि भारत का ‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म’ चयनात्मक आशंकाओं से ऊपर रहना चाहिए। परिसीमन का लक्ष्य किसी क्षेत्र की आवाज दबाना नहीं, बल्कि हर नागरिक को समान लोकतांत्रिक अधिकार देना है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र के साथ सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि नई परिसीमन प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव न हो और देश की एकता सुदृढ़ बनी रहे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा परिसीमन को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक आशंकाओं का गृहमंत्री ने तथ्यों के साथ स्पष्ट खंडन किया है। परिसीमन लेकर विपक्ष पूरे देश को गुमराह करने की साजिश कर रहा है, ये बातें कभी सफल नहीं होने वाली हैं। यह कहना कि इससे दक्षिण या किसी भी राज्य के साथ अन्याय होगा, केवल एक भ्रामक राजनीतिक एजेंडा है। विपक्ष अपने संकीर्ण स्वार्थों के लिए इस एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जिन लोगों ने वर्षों तक सत्ता के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया, संविधान की भावना के साथ समझौता किया और आपातकाल के समय लोकतंत्र को कुचलने का काम किया, वही लोग आज लोकतंत्र के नाम पर डर और भ्रम पैदा कर रहे हैं। लेकिन भारत की जनता अब पूरी तरह जागरूक है और ऐसे हर प्रयास को पहचानती है।

धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि परिसीमन के नाम पर देश को क्षेत्रीय आधार पर बाँटने या राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की यह कोशिश न पहले सफल हुई है, न आगे कभी होगी।

–आईएएनएस

जीसीबी/एसके

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