60 हजार घूस लेने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ी गई 2024 की RAS टॉपर काजल मीणा, पहली ही पोस्टिंग में कांड

Summary :

Kajal Meena Case : साल 2024 में RPSC की टॉपर काजल मीणा को पहली ही पोस्टिंग में घूस लेते पकड़ा गया है. यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है. बता दें, मीना RAS टॉपर रही हैं और वह ST समाज से आती हैं. मामला सीधा भ्रष्टाचार का उजागर हुआ है, जिसके बाद काजल मीणा सुर्ख़ियों में आ गई हैं. काजल पर लगे गंभीर आरोप हैं. उनकी पहली ही पोस्टिंग में रिश्वत लेने के बाद उनकी गिरफ्तारी हो गई है, इस मामले ने उच्च प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है. रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गईं अधिकारी जानकारी…

Kajal Meena Case : साल 2024 में RPSC की टॉपर काजल मीणा को पहली ही पोस्टिंग में घूस लेते पकड़ा गया है. यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है. बता दें, मीना RAS टॉपर रही हैं और वह ST समाज से आती हैं. मामला सीधा भ्रष्टाचार का उजागर हुआ है, जिसके बाद काजल मीणा सुर्ख़ियों में आ गई हैं. काजल पर लगे गंभीर आरोप हैं. उनकी पहली ही पोस्टिंग में रिश्वत लेने के बाद उनकी गिरफ्तारी हो गई है, इस मामले ने उच्च प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है.

रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गईं अधिकारी

जानकारी के अनुसार जमीन से जुड़े एक मामले में डिक्री जारी करने के बदले घूस लेने के आरोप में काजल मीणा को गिरफ्तार किया गया है. उन पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा है. यह कार्रवाई रेंज हाथ पकडे जाने पर हुई है. बता दें इसे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अंजाम दिया है और काजल मीणा के सहयोगी प्रवीन और रीडर दिनेश के साथ उन्हें इस कांड में शामिल होते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है.

बता में घूस लेने की मांग पहले 1 लाख बताई गई थी, मगर लास्ट में यह 50 हजार रूपए में सैटल हो गया. शिकायत मिलने के बाद ACB ने जांच की और जाल बिछाकर रेंज हाथों पकड़ा गया. बता दें कार्रवाई के दौरान, रीडर के बैग से 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद की गई।

कौन है काजल मीणा?

काजल मीणा वे सवाई माधोपुर के बड़ौली गाँव की रहने वाली हैं। वह 2024 बीच की RAS ऑफिसर हैं. RAS राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से नियुक्त राज्य स्तर के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी होते हैं। ये एसडीएम (SDM), उप-सचिव, या तहसीलदारों के रूप में जिला और राज्य प्रशासन में कानून व्यवस्था, राजस्व संग्रह, और सरकारी योजनाओं को लागू करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य संभालते हैं।

बता दें काजल अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से आती हैं उन्होंने इस वर्ग में पहला स्थान हासिल किया था. वह IIT मंडी (हिमाचल प्रदेश) से बीटैक कर चुकी हैं. वह इससे पहले EPFO में अधिकारी के पद पर रह चुकी हैं. साल 2017 में उनका चयन JEN पद पर हुआ था, लेकिन उन्होंने जॉइन नहीं किया था.

एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर की जाएगी.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।