TCS Nashik Case on CM Devendra Fadnavis: नासिक की TCS कंपनी में धर्मांतरण विवाद पर अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जाएगी।
देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से यह संकेत मिल रहे हैं कि मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसलिए इसकी गहराई से जांच जरूरी है। इसके साथ ही कहा कि अन्य कंपनियों में भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार को इस मामले की पूरी जानकारी दे दी गई है और आगे की कार्रवाई में उसका सहयोग लिया जाएगा।
TCS Nashik Case on CM Devendra Fadnavis: प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर आरोपियों को बचाने की कोशिश नहीं की जाएगी। साथ ही, टीसीएस के शीर्ष प्रबंधन ने भी इस घटना की निंदा की है और मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है। पुलिस ने इस मामले में कुल नौ केस दर्ज किए हैं। इनमें से सात पुरुष और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं एक अन्य आरोपी निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस के अनुसार, जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
HR और मैनेजमेंट पर आरोप
नासिक के पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक ने बताया कि इस मामले में कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि यूनिट की ऑपरेशंस हेड और एचआर प्रमुख ने एक पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने से रोकने की कोशिश की। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ऐसी घटनाएं आम होती हैं और आरोपियों का समर्थन किया। इस मामले में एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर को अदालत ने 28 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं पुलिस इस केस के हर पहलू की जांच कर रही है। किसी चरमपंथी संगठन या विदेशी फंडिंग की संभावना को लेकर भी जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
केंद्रीय एजेंसियों से मांगी मदद
नासिक पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईडी, एटीएस और एनआईए जैसी एजेंसियों से सहयोग मांगा है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही पुख्ता सबूत मिलेंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच कई स्तरों पर चल रही है। इस मामले में आठ महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। साथ ही, एक पुरुष कर्मचारी ने भी आरोप लगाया है कि उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और धार्मिक रूप से परेशान किया गया। इन सभी शिकायतों की जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है।
मुख्य आरोपी में शामिल एचआर अधिकारी निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है। पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही और तथ्य सामने आने की संभावना है। कुल मिलाकर, यह मामला गंभीर रूप ले चुका है और सरकार से लेकर जांच एजेंसियां तक हर स्तर पर सक्रिय हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।


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