गुजरात में 23 अप्रैल को होने जा रहे लोकसभा चुनावों से पहले सी के पटेल की अगुवाई में पाटीदार समुदाय के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने गुरूवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल और अन्य सरकारी पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
गांधीनगर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे शाह एक सामाजिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए शहर आए थे। वह शुक्रवार की सुबह शहर से रवाना हो गए।
विश्व उमीय धाम से जुड़े सी के पटेल ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस बैठक का मकसद समुदाय से जुड़े कुछ अनसुलझे मुद्दों की तरफ सरकार और पार्टी का ध्यान दिलाना था।
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बैठक के दौरान कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा की गई जिनमें पाटीदार आरक्षण आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेना, 2015 के आरक्षण आंदोलन में मारे गए पाटीदारों के परिजन को नौकरी देना और अनारक्षित वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उचित क्रियान्वयन शामिल था।
पटेल ने पत्रकारों को बताया, ‘‘इस बैठक का लोकसभा चुनावों से कोई लेना-देना नहीं था। किसी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं की गई। पाटीदार नेताओं ने अपने समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन दिया। बैठक के दौरान सरकार का रुख सकारात्मक दिखा।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या इस बैठक का मकसद पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता और अब कांग्रेस में शामिल हो चुके हार्दिक पटेल से मुकाबले की रणनीति पर चर्चा करना था, इस पर पटेल ने दावा किया कि हार्दिक से जुड़े किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं की गई।


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