वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को उद्योग जगत से कहा कि वह नई सोच और नये विचारों के साथ कोविड- 19 के बाद की दुनिया के लिये काम करना शुरू करे और मजबूती से उसका क्रियान्वयन करे। अर्थव्यवस्था के लिये बुरा दौर निकल चुका है और अब इसमें पुनरुत्थान का समय है।
गोयल ने वीडियो कन्फ्रेंस के जरिये व्यापार एवं उद्योग जगत के साथ बैठक में यह बात कही। कोविड-19 महामारी के प्रभाव का आकलन करने के लिये यह इस तरह की पांचवीं बैठक हुई। इस दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से अर्थव्यवस्था को फिर से तेज रफ्तार पटरी पर लाने के लिये उनके सुझावों पर भी गौर किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘ … यह बेहतर होगा कि हम नई सोच और नये विचारों के साथ कोविड-19 के बाद की दुनिया को ध्यान में रखते हुये काम की शुरुआत करें और अपनी योजनाओं का मजबूती के साथ क्रियान्वयन करें तथा भारत को दुनिया की बड़ी ताकत बनायें।’’ मंत्री ने कहा कि ‘‘अर्थव्यवस्था के लिये जो बुरा समय था वह निकल चुका है।
स्थिति में सुधार दिख रहा है और पुनरुत्थान का समय है।’’ वाणिज्य मंत्री ने इस बात पर चिंता भी जताई कि भारत आज भी कई सामान्य इस्तेमाल की चीजों के मामले में आयात पर निर्भर है। फर्नीचर, खिलौने और खेलकूद के जूतों का आयात होता है जबकि यह सर्वविदित है कि भारत में कुशल मानवशक्ति के साथ ही तकनीकी ज्ञान भी उपलब्ध है।
उन्होंने उद्योगों से कहा कि इस दिशा में वह सामान्य से हटकर नये विचारों पर काम करें और ऐसे उत्पाद तेयार करें जो कि टिकाऊ और वहनीय हों। इस बैठक में देश में शीर्ष उद्योग मंडलों फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, नास्कॉम, पीएचडीसीसीआई, कैट, फिस्मे, लघु उद्योग भारती, सियाम और एक्मा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


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