PM Modi CCS Meeting Today: पश्चिम एशिया में तनाव के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक बार फिर CCS की बैठक होगी। बता दें कि सुबह 11:30 बजे राष्ट्रीय राजधानी में कई मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए उपायों की समीक्षा करने के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की अध्यक्षता की जाएगी। इस दौरान संसद में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) और कैबिनेट की बैठक को भी संबोधित करेंगे।
PM Modi CCS Meeting Today: 1 अप्रैल को भी CCS की बैठक

इससे पहले 1 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में आगे की जाने वाली पहलों पर चर्चा की। कैबिनेट सचिव को पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी/एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी गई।
कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा
PM मोदी ने आम आदमी की जरूरी जरूरतों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ और रबी ऋतुओं में उनकी उपलब्धता तय करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। आज की बैठक में भी कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
PM Modi CCS Meeting Today: पश्चिम एशिया में स्थिति बिगड़ गई

28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान पर हुए हमले के बाद पश्चिम एशिया में स्थिति और बिगड़ गई, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य टॉप अधिकारियों की मौत हो गई थी। जिसके बाद कई देशों में लॉकडाउन जैसी हालात का सामना करना पड़ा और कई देशों में तेल गैस की सप्लाई ठप होने के साथ ही अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी।
लंबे समय तक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कम, मध्यम और लंबे समय तक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा और भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया जिसके बाद अभी और लंबे समय तक दोनों प्रकार के प्रतिउपायों पर चर्चा की गई। आम आदमी की खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की उपलब्धता का विस्तार से आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और लंब समय के लिए उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
PM Modi Cabinet Meeting: किसानों पर भी पड़ा प्रभाव

इस जंग का असर किसानों पर भी पड़ा है जिसमें खरीफ फसल के लिए किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव और उनकी उर्वरक आवश्यकता का आकलन किया गया। पिछले कुछ वर्षों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए उठाए गए कदम समय पर उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। भविष्य में निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरकों के वैकल्पिक सोर्स पर भी चर्चा की गई। साथ ही यह भी तय किया गया कि सभी बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार होने से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।


Download Android App
Download iOS App




