PM Modi on Budget Webinar 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बजट के बाद आयोजित वेबिनार सीरीज के चौथे सेशन को संबोधित किया। इस वेबिनार का विषय “सबका साथ, सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति” रखा गया था। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल के बजट का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां और योजनाएं इसी दिशा में तैयार की गई हैं ताकि देश के हर वर्ग को विकास का लाभ मिल सके।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बजट में जिन योजनाओं और घोषणाओं का उल्लेख किया गया है, उन्हें प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारना बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने विशेषज्ञों, उद्योग जगत और नीति निर्माताओं से सुझाव देने की अपील की, ताकि इन योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके और अधिक से अधिक लोगों तक उनका लाभ पहुंच सके।
PM Modi on Budget Webinar 2026: शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य को विकास की आधारशिला बताया
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश के समग्र विकास के लिए शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति जैसे क्षेत्रों को मजबूत बनाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अगर इन क्षेत्रों में बेहतर काम किया जाए तो देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि “जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति केवल एक विषय नहीं है, बल्कि यही इस बजट का मूल लक्ष्य और हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है।” प्रधानमंत्री के अनुसार सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिससे लोगों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर मिल सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने निवारक और समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देश के सैकड़ों जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने Ayushman Bharat योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। साथ ही योग और आयुर्वेद जैसी पारंपरिक पद्धतियों की वैश्विक लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है, जो भारत के लिए गर्व की बात है।
देखभाल अर्थव्यवस्था और नए प्रशिक्षण मॉडल की जरूरत
प्रधानमंत्री ने ‘केयर इकॉनमी’ यानी देखभाल आधारित अर्थव्यवस्था की बढ़ती भूमिका की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में भारत के युवाओं के लिए यह एक बड़ा अवसर बन सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे ऐसे प्रशिक्षण मॉडल तैयार करने पर विचार करें, जिससे युवाओं को इस क्षेत्र में बेहतर कौशल मिल सके। इससे न केवल देश के युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि भारत वैश्विक स्तर पर भी अपनी भूमिका मजबूत कर सकेगा।
डिजिटल हेल्थ और टेलीमेडिसिन का बढ़ता महत्व
प्रधानमंत्री ने डिजिटल हेल्थ सेवाओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से अब दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अभी टेलीमेडिसिन के बारे में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। इसके साथ ही तकनीक को और सरल बनाना होगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
युवाओं की बदलती सोच को बताया देश की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं की सोच तेजी से बदल रही है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि आज का युवा नए विचारों और नई तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा प्रणाली को भी युवाओं की इस बदलती सोच के अनुसार ढालना होगा। सरकार शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
नई शिक्षा नीति और आधुनिक तकनीकों पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सिर्फ डिग्री देना नहीं बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑटोमेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों का महत्व और बढ़ेगा। इसलिए जरूरी है कि शिक्षा संस्थानों में ऐसे पाठ्यक्रम विकसित किए जाएं जो छात्रों को इन आधुनिक तकनीकों के लिए तैयार करें।
एवीजीसी सेक्टर को बढ़ावा देने की अपील
प्रधानमंत्री ने एवीजीसी यानी एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स क्षेत्र की संभावनाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा कर सकता है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से अपील की कि वे अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और अनुसंधान आधारित शिक्षा के केंद्रों के रूप में विकसित करें। इससे छात्रों को वास्तविक दुनिया का अनुभव मिलेगा और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
एसटीईएम में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
प्रधानमंत्री ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने दोहराया कि सरकार भविष्य की तकनीकों में बेटियों को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने एक मजबूत अनुसंधान प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे युवा शोधकर्ताओं को नए विचारों पर काम करने और प्रयोग करने का अवसर मिल सके।
खेलों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक स्वस्थ और अनुशासित युवा आबादी किसी भी राष्ट्र की ताकत होती है। उन्होंने बताया कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने Khelo India कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर हम अभी से युवा खिलाड़ियों को पहचानकर उन्हें सही प्रशिक्षण दें, तो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता है।
पर्यटन और संस्कृति में रोजगार की संभावनाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि सरकार पारंपरिक पर्यटन स्थलों के साथ-साथ नए पर्यटन स्थलों के विकास पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर की पहचान और विकास में पर्यटन की अहम भूमिका होती है। प्रशिक्षित गाइड, बेहतर आतिथ्य सेवाएं, डिजिटल कनेक्टिविटी और स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर्यटन को और मजबूत बना सकती है।
विकसित भारत के लिए सहयोग जरूरी
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति के लिए सरकार, उद्योग जगत और शिक्षा संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे वेबिनार और चर्चाएं भविष्य की नीतियों को मजबूत बनाने में मदद करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर सभी मिलकर काम करें तो विकसित भारत का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से देश की विकास यात्रा को नई गति मिलेगी और भारत की नींव और भी मजबूत होगी।





















