प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा आज लिये गए फैसले से किसानों की दशकों पुरानी मांग पूरी हुई है और अब अन्नदाता देश में कहीं भी अपनी उपज को बेच सकेंगे और एक देश, एक कृषि बाजार का सपना साकार होगा। मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘ आज की केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। फसलों की खरीद-बिक्री को लेकर सभी बंदिशों को हटा दिया गया है, जिससे किसानों की दशकों पुरानी मांग पूरी हुई है। अब अन्नदाता देश में कहीं भी अपनी उपज को बेचने के लिए स्वतंत्र होगा।’’
उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों से किसानों को उत्पादन से पहले ही मूल्य आश्वासन की भी गारंटी उपलब्ध होगी। कृषि सेवाओं के अनुबंध से न केवल किसानों को अत्याधुनिक जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें तकनीक और पूंजी की सहायता भी मिलेगी। इसके जरिए अन्नदाताओं का सशक्तिकरण और संरक्षण भी संभव होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के इन निर्णयों से न केवल अन्नदाताओं की आय बढ़ेगी, बल्कि आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन से कृषि क्षेत्र में भी आमूलचूल परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा, ‘‘ कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री की बाधाएं दूर होने से एक देश, एक कृषि बाजार का सपना साकार होगा।’’
सरकार के इन निर्णयों से न केवल अन्नदाताओं की आय बढ़ेगी, बल्कि आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन से कृषि क्षेत्र में भी आमूलचूल परिवर्तन आएगा। कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री की बाधाएं दूर होने से One India, One Agriculture Market का सपना साकार होगा।
— Narendra Modi (@narendramodi) June 3, 2020
वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया है कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 3 जून को हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय लिए गए जो देश के किसानों की मदद करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव लाने में भी काफी मददगार साबित होंगे। इसमें कहा गया है कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज आवश्यक वस्तु अधिनियम में ऐतिहासिक संशोधन को मंजूरी दी। यह कृषि क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव लाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है।
बयान में कहा गया है कि सरकार ने नियामकीय व्यवस्था को उदार बनाने के साथ ही उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा भी सुनिश्चित की है। संशोधन के तहत यह व्यवस्था की गई है कि अकाल, युद्ध, कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि और प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में इन कृषि उपजों की कीमतों को नियंत्रित किया जा सकता है।हालांकि, मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) के किसी भी प्रतिभागी की स्थापित क्षमता और किसी भी निर्यातक की निर्यात मांग इस तरह की स्टॉक सीमा लगाए जाने से मुक्त रहेगी ।
इसमें कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश 2020 को मंजूदी दी। इससे किसानों के लिए एक सुगम और मुक्त माहौल तैयार हो सकेगा जिसमें उन्हें अपनी सुविधा के हिसाब से कृषि उत्पाद खरीदने और बेचने की आजादी होगी।


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