प्रधानमंत्री योजना के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले 6 गिरफ्तार

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ग्रेटर नोएडा, 14 मई (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर की बिसरख पुलिस और साइबर सेल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएम ईजीपी) के नाम पर लोगों को सब्सिडी लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 18 की-पैड मोबाइल फोन, 6 स्मार्ट फोन और कॉलिंग डाटा से जुड़े 15 रजिस्टर बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, 13 मई को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार…

ग्रेटर नोएडा, 14 मई (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर की बिसरख पुलिस और साइबर सेल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएम ईजीपी) के नाम पर लोगों को सब्सिडी लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 18 की-पैड मोबाइल फोन, 6 स्मार्ट फोन और कॉलिंग डाटा से जुड़े 15 रजिस्टर बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 13 मई को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर थाना बिसरख पुलिस एवं साइबर सेल टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान सेक्टर-1 स्थित कृष्णा काउंटी टॉवर ए की छत से छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान धर्मराज राठौर, रवि कुमार, किशन राठौर, अक्षय, किरण नायर और किरण बाबू राठौर के रूप में हुई है। सभी आरोपी कर्नाटक के बीजापुर और विजयपुर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।

आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि वे इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आधार कार्ड और पैन कार्ड से संबंधित आकर्षक विज्ञापन चलाते थे। जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता था तो उसे आरोपियों का मोबाइल नंबर दिखाई देता था। इसके बाद आरोपी खुद को फर्जी लोन अधिकारी बताकर लोगों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत सब्सिडी आधारित होम लोन दिलाने का झांसा देते थे।

आरोपी पीड़ितों से फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर दो से चार लाख रुपए तक अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराते थे।

पुलिस का कहना है कि इस गिरोह ने देशभर के कई लोगों को अपना शिकार बनाया और करोड़ों रुपए की ठगी की है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए की-पैड मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे और लगातार सिम कार्ड बदलते रहते थे। गिरोह का संचालन एक कथित ‘बॉस’ के निर्देश पर किया जा रहा था, जिससे आरोपी मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क में रहते थे।

ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना बिसरख में मामला दर्ज किया है। फिलहाल, पुलिस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क का संबंध देश के अन्य राज्यों से तो नहीं है।

–आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी

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