नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में हो रहे पुनर्मतदान पर भारतीय निर्वाचन आयोग के अधिकारों का समर्थन किया। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “जहां भी गड़बड़ी की आशंका होती है या शिकायतों में तथ्य होते हैं, वहां पुनर्मतदान कराना चुनाव आयोग का अधिकार है। मतदान के 4-5 दिन बाद मतगणना शुरू करने की परंपरा भी काफी पुरानी है।”
वहीं, सुप्रीम कोर्ट में तृणमूल कांग्रेस की उस याचिका पर सुनवाई को लेकर (जिसमें कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है) दामोदर अग्रवाल ने विपक्ष पर निशाना साधा। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मतगणना के लिए केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ा है।
उन्होंने कहा, “पिछले 77 वर्षों से पर्यवेक्षक केंद्र सरकार द्वारा ही नियुक्त किए जाते हैं। देश की व्यवस्था पर भरोसा न करना उनकी आंतरिक कमजोरी है। जब वे हारते हैं, तो किसी न किसी को दोष देना पड़ता है। कभी स्ट्रॉन्ग रूम जाते हैं, तो कभी अदालत में याचिका दाखिल करते हैं। अब तक किसी भी अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली है। ममता बनर्जी का रुख अलोकतांत्रिक है।”
सुप्रीम कोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दिए जाने पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। दामोदर अग्रवाल ने कहा, “पवन खेड़ा ने कानून के खिलाफ गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए हैं और बिना आधार के बातें की हैं। उन्हें अब न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना होगा।”
मध्य प्रदेश में हुए क्रूज हादसे पर उन्होंने दुख जताया। उन्होंने कहा, “बरामद किए गए शवों पर लाइफ जैकेट भी थे। सरकार संवेदनशील है और प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया था।”
–आईएएनएस
वीकेयू/वीसी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



