चंडीगढ़, 9 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के अमृतसर के सरूप रानी गवर्नमेंट कॉलेज की छात्रा निहारिका ने पंजाब में बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) में टॉप किया है। अपनी इस उपलब्धि को लेकर उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मैंने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जीएनडीयू) के अंतर्गत आने वाली यूनिवर्सिटी सरूप रानी गवर्नमेंट कॉलेज से बीबीए किया है, जिसमें पूरे पंजाब में मेरा पहला रैंक आया है।
उन्होंने बताया कि जीएनडीयू के अंतर्गत 100 से ज्यादा कॉलेज आते हैं और मैंने उन सभी में पहला स्थान प्राप्त किया है। अपनी इस सफलता के पीछे के राज का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इसके पीछे लगातार पढ़ाई और निरंतर मेहनत है। उन्होंने अपने सपने के बारे में बताया कि मैंने सोचा है कि मैं भविष्य में बड़े स्तर पर अपना बिजनेस खोलूंगी। बाकी आगे देखते हैं। वहीं, पिता के सपने के बारे में उन्होंने बताया कि वह चाहते हैं कि मैं यूपीएससी क्रैक कर आईएएस या आईपीएस बनूं। हालांकि, मेरा मन बड़े स्तर पर अपना बिजनेस करने का है।
निहारिका ने बताया कि वह प्रतिदिन 5-6 घंटे की पढ़ाई करती थी। सोशल मीडिया के दौर और उसके प्रभाव को लेकर उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों को सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखनी चाहिए क्योंकि उसमें इस प्रकार के कंटेंट हैं जो उन्हें नहीं देखने चाहिए। इसके बदले आप व्यायाम, घर के काम या अन्य चीजें करें, जिसमें आपकी रुचि हो।
उन्होंने कहा कि मैं पढ़ाई करने के साथ-साथ घर का काम भी किया करती थी। निहारिका ने अपने जूनियर्स को सलाह दी कि वे अपने माता-पिता के साथ शिक्षकों की बातों को सुनें, मेहनत करें और लाइफ में उनको कुछ अच्छा बनकर दिखाएं। उन्होंने बताया कि दूसरे वर्ष की परीक्षा में भी उनका पूरे राज्य में स्थान टॉप-10 में था। निहारिका आगे एमबीए करेंगी। इसके साथ उन्होंने दूसरे बच्चों को सलाह दी कि जितना हो सकता है पढ़ो, मेहनत करो और कामाब बनो।
निहारिका के पापा कंवरजीत सिंह ने बेटी की इतनी बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बेटी पर बहुत ज्यादा गर्व हो रहा है। पूरे परिवार, रिश्तेदारों और आस-पड़ोस सभी को इससे बेहद खुशी हुई है। बेटी ने पंजाब के लगभग 146 कॉलेजों के बीच पहला स्थान प्राप्त किया है। इससे निहारिका ने पंजाब का नाम रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि आज बेटी पर बहुत ज्यादा मान हो रहा है। मेरा सपना है कि मेरी बेटी यूपीएससी क्रैक करके आईपीएस बने, बाकी बेटी की इच्छा है। वह जो करना चाहती है, कर सकती है। हमारा उसे पूरा सहयोग है। बेटियां मां-बाप के लिए सिर का ताज होती हैं। वह जितना पढ़ना चाहे, पढ़ सकती है। हमने इसके लिए कोई सीमा तय नहीं की है।
–आईएएनएस
डीके/पीएम
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