Queens Drive Club 5.0: महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में नया कदम

Queens Drive Club 5.0

Queens Drive Club 5.0: क्वींस ड्राइव क्लब (QDC) ने अपने सुपरकार अभियान का पांचवा संस्करण लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें समाज में नई पहचान दिलाना है। यह क्लब भारत का पहला महिला सुपरकार क्लब है, जो पूरी तरह से महिलाओं द्वारा और उनके लिए बनाया गया है।

Queens Drive Club 5.0: सुपरकार की दुनिया में महिलाओं की दमदार एंट्री

हालांकि भारत में सुपरकार्स का चलन बढ़ा है, लेकिन यह क्षेत्र अभी भी पुरुष प्रधान माना जाता है। अधिकतर महिलाओं को कार चलाने के बजाय यात्री के रूप में देखा जाता है। क्वींस ड्राइव क्लब इस सोच को बदलने के लिए काम कर रहा है। यह एक ऐसा मंच है जहाँ महिला ड्राइविंग प्रेमी, उद्यमी और पेशेवर एक साथ आकर अपने जुनून को खुलकर ज़ाहिर करती हैं।

Queens Drive Club 5.0
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Queens Drive Club News: सुपरकार रैली में दिखी महिलाओं की शक्ति

इस आयोजन का नेतृत्व रितिका जतिन आहूजा ने किया, जिसमें देश भर से 150 से अधिक एचएनआई और यूएचएनआई महिलाएं शामिल हुईं। इस अवसर पर 50 से अधिक महिलाओं ने गुड़गांव से मुंबई एक्सप्रेसवे पर फेरारी, पोर्श, लैम्बोर्गिनी और मैकलारेन जैसी लग्ज़री सुपरकारें चलाईं।

ड्राइविंग के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर कदम

क्वींस ड्राइव क्लब ने दिल्ली की एक प्रतिष्ठित एनजीओ शांति सहयोग के साथ साझेदारी की है, जिसकी स्थापना गांधीवादी विद्वान डॉ. सुमन खन्ना अग्रवाल ने की थी। इस साझेदारी के तहत आने वाले महीनों में महिलाओं को प्रोफेशनल ड्राइविंग में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें रोजगार के अवसर देना और उन्हें गैर-पारंपरिक भूमिकाओं में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

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Queens Drive Club: आयोजन की विशेषताएं

इस अभियान के दौरान एक्सप्रेसवे पर सुपरकार काफिले की यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए देश के प्रमुख टोल ऑपरेटरों से समझौता किया गया था। यह महिलाओं को बिना किसी रुकावट के एक यादगार ड्राइविंग अनुभव देने के लिए किया गया।

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रितिका आहूजा की सोच

रितिका जतिन आहूजा का मानना है कि क्वींस ड्राइव क्लब सिर्फ कारों या रफ्तार का नाम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जहाँ महिलाएं स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और बदलाव की भावना को महसूस कर सकती हैं। उनके अनुसार, गाड़ी चलाना एक महिला के लिए सिर्फ वाहन चलाने तक सीमित नहीं, बल्कि अपने जीवन की कमान खुद संभालने का प्रतीक है।

शांति सहयोग की भूमिका

डॉ. सुमन खन्ना अग्रवाल ने कहा कि जब कोई महिला ड्राइविंग सीखती है, तो वह अपने जीवन की दिशा खुद तय करने लगती है। क्वींस ड्राइव क्लब और बिग बॉय टॉयज़ के साथ मिलकर वे जल्द ही उन महिलाओं को प्रशिक्षित करना शुरू करेंगी जो इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं।

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