कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी किसी न किसी मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछते है या निशाना साधते है। इसी बीच राहुल गांधी ने रविवार को किसान आंदोलन पर सरकार की जमकर खिंचाई की। राहुल गांधी ने आंदोलनकारी किसानों की तुलना ‘सत्याग्रहियों’ से की और कहा कि किसान सरकार से अपना हक ले कर रहेंगे।
उन्होंने हिंदी में ट्वीट किया, देश चंपारण जैसी त्रासदी का सामना कर रहा है, तब अंग्रेज कंपनी बहादुर थे और अब पीएम के दोस्त कंपनी बहादुर हैं। उन्होंने कहा, लेकिन आंदोलनकारी किसान ‘सत्याग्रही’ हैं; वे अपना हक लेंगे।
देश एक बार फिर चंपारन जैसी त्रासदी झेलने जा रहा है।
तब अंग्रेज कम्पनी बहादुर था, अब मोदी-मित्र कम्पनी बहादुर हैं।
लेकिन आंदोलन का हर एक किसान-मज़दूर सत्याग्रही है जो अपना अधिकार लेकर ही रहेगा।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 3, 2021
सत्याग्रह सरकार की नीतियों के खिलाफ राजनीतिक विरोध का एक तरीका है। ब्रिटिश शासन के खिलाफ महात्मा गांधी ने सत्याग्रह का तरीका अपनाया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 1917 में महात्मा गांधी ने बिहार के चंपारण में सत्याग्रह किया था, जब उन्होंने किसानों के मजबूरन इंडिगो खेती करने के खिलाफ आंदोलन किया था।


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