देश में पंचायती राज व्यवस्था का कमजोर होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : राहुल गांधी

Summary :

राहुल ने कहा कि राजीव गांधी जी जिस पंचायती राज को लेकर आए थे उसका समाज पर जबरदस्त असर हुआ लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़गा कि यह अब कम हो रहा है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के साथ चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश के समग्र विकास के लिए जिस पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की वह जबरदस्त असरदार साबित हुई। उन्होंने कहा कि लेकिन दुर्भाज्ञ से आज हम उस व्यवस्था से भटक गए हैं।
राहुल ने कहा कि राजीव गांधी जी जिस पंचायती राज को लेकर आए थे उसका समाज पर जबरदस्त असर हुआ लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़गा कि यह अब कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि “पंचायती राज के मोर्चे पर जितना आगे बढ़ने का काम हुआ था हम उससे पीछे लौट रहे हैं और जिलाधिकारी आधारित व्यवस्था में जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि देश के उत्तरी राज्यों की तुलना में पंचायती राज व्यवस्था पर दक्षिण के राज्यों में ज्यादा बेहतर काम हुआ है।
उन्होंने कहा कि ‘‘अगर आप दक्षिण भारतीय राज्य देखें, तो वहां इस मोर्चे पर अच्छा काम हो रहा है, व्यवस्थाओं का विकेंद्रीकरण हो रहा है लेकिन उत्तर भारतीय राज्यों में सत्ता का केंद्रीकरण हो रहा है। पंचायतों तथा जमीन से जुड़ संगठनों की शक्तियां कम हो रही हैं।’’ राहुल ने कहा कि इस दौर में अधिकारवाद का एक नया मॉडल सामने आया है जो ‘सत्तावादी मॉडल’ है और यह उदार मॉडल पर सवाल उठा रहा है।

US में अगले सप्ताह से विमान यात्रा होगी शुरु, राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार पर विचार कर रहे है ट्रम्प

उन्होंने कहा कि यह एक अलग तरीका निकाला गया है जो बहुत तेजी से फलता-फूलता नजर आ रहा है। राजन ने भी इस व्यवस्था पर चिंता जताई और कहा कि ‘‘अधिकारवादी व्यक्तित्व अपने आप में एक ऐसी धारणा बना लेता है कि ‘मैं ही जनशक्ति हूं’ इसलिए मैं जो कुछ भी कहूंगा, वह सही होगा। सब कुछ मेरे सामने से होते हुए गुजरना चाहिए। इतिहास उठाकर देखें तो पता चलेगा कि जब-जब इस हद तक केंद्रीकरण हुआ है, व्यवस्थाएं धराशायी हो गई हैं।’’

Desk Team