नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे की धनराशि में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई (सोमवार) को सुनवाई करेगा।
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ मामले की सुनवाई करेगी। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वीएस मोहना भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर जनहित याचिका के साथ-साथ राजद सांसद सुधाकर सिंह की याचिका भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।
याचिका में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से गड़बड़ियों के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने की मांग की है।
याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की अगुवाई में एक विशेष जांच दल का गठन किया जाए। उनका कहना है कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि दान के रूप में प्राप्त धनराशि में किसी प्रकार की गड़बड़ी, गबन या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं।
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी मांग की है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार को ट्रस्ट की धनराशि और संपत्तियों की निगरानी के लिए मजबूत ऑडिट और जांच व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो।
इसके अलावा, जांच पूरी होने तक बैंक खातों का विवरण, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, कंप्यूटर डेटा और अन्य संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी मांग की गई है। साथ ही मामले से जुड़े किसी भी दस्तावेज या साक्ष्य को नष्ट करने, हटाने या उसमें छेड़छाड़ करने पर रोक लगाने की भी अपील की गई है।
बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की जानकारी भी सामने आई थी। वहीं, अयोध्या पुलिस ने मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
–आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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